आपके सिरहाने किताबें हैं या मोबाइल फ़ोन ?

पहले सिरहाने किताबें रखकर सोते थे, अब मोबाइल फ़ोन चार्जिंग पर लगाकर सोते हैं।  WhatsApp, Facebook, Twitter और Instagram के दौर में किताबों के साथ समय कम बीतता है। किताबें … Continue reading आपके सिरहाने किताबें हैं या मोबाइल फ़ोन ?

अ-सामाजिक कविताएँ : Anti Social Poems

सोशल मीडिया के इस दौर में मानव स्वभाव को रेखांकित करते हुए, मैंने 8 कविताएँ लिखी हैं। ये एक श्रृंखला है जिसका शीर्षक है “अ-सामाजिक कविताएँ” यानी “Anti Social Poems”। … Continue reading अ-सामाजिक कविताएँ : Anti Social Poems

Fake Account : कौन हो तुम ?

सुबह सुबह अपने चेहरे पर रंग लगाकर निकलते हैं इन बच्चों की असली शक्ल देखी है किसी ने ? ज़माने को बेचने चले थे रक्त स्नान करके चुपचाप निकल रहे … Continue reading Fake Account : कौन हो तुम ?

Likes & Retweets : इंतज़ार

तस्वीरों में शोक और हर्ष स्थिर हो जाता है संवेदनाएँ ठिठक कर खड़ी हो जाती हैं और थोड़ी ज़्यादा साफ़ दिखती हैं जैसे किसी प्रागैतिहासिक रत्न में कीट जम जाते … Continue reading Likes & Retweets : इंतज़ार

Divide vs Share : बाँटना vs बाँटना

अब विचार और संदेसे कबूतर की तरह उड़ जाते हैं कोई सरहद नहीं है किसी वीज़ा और पासपोर्ट की ज़रूरत नहीं है किसी युग में इंसानों ने ज़मीन बाँट दी … Continue reading Divide vs Share : बाँटना vs बाँटना

Unfriend : अ-मित्र

मेरे अंतर्मन में आप एक जल चुकी मोमबत्ती की तरह हैं.. जिसकी रोशनी और जिसका मोम.. विलीन हो चुका है और धागे के जलने की ज़रा सी महक बाक़ी है … Continue reading Unfriend : अ-मित्र

Verified : अहं ब्रह्मास्मि… ज़हर सा नीला निशान

ईश्वर ने कुछ इंसानों को बनाते वक़्त उनके माथे पर सही का निशान लगा दिया था फिर वो हमेशा सही साबित होते रहे उनकी हर एक ग़लती को छिपाने के … Continue reading Verified : अहं ब्रह्मास्मि… ज़हर सा नीला निशान

Direct Message vs मुलाक़ात

अ-सामाजिक कविताओं की सीरीज़ में तीसरी कविता, कम से कम सात कविताएँ हैं। उम्मीद है कि आपको अच्छी लगेंगी। सोशल मीडिया के इस दौर में मुलाक़ात का महत्व कम होता … Continue reading Direct Message vs मुलाक़ात

Trolls : मच्छर

अ-सामाजिक कविताओं की सीरीज़ से एक और रचना। ये ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरह के गुंडों को समर्पित है। अपने वज़न से ज़्यादा खून पी लेने वाला मच्छर उड़ नहीं … Continue reading Trolls : मच्छर

Profile Picture : तस्वीर पर माला डाल देते हैं दोस्त

सोशल मीडिया के इस दौर में मानव स्वभाव को रेखांकित करते हुए, मैंने कुछ कविताएँ लिखी हैं। ये एक सीरीज़ है जिसका शीर्षक है “अ-सामाजिक कविताएँ : Anti Social Poems” … Continue reading Profile Picture : तस्वीर पर माला डाल देते हैं दोस्त