सच्चा Microphone 2 🎙 आप संज्ञा हैं या क्रिया ?

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

सच्चा Microphone 1 🎙 कैंची से कटी आवाज़ें

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

चीन कम्यूनिस्ट पार्टी के 100 साल 🇨🇳 अलोकतांत्रिक शासन के एक्सपर्ट 🐍

बिना जनादेश 72 साल शासन चलाने वाली दुनिया की सबसे सफल अलोकतांत्रिक/तानाशाही सत्ता

The Joker Test of Truth 🤡 सत्य का जोकर संस्करण

आश्चर्य है कि हाहाकार के बीच विज्ञापन, बैठकों में विमर्श और मॉरल साइंस से इलाज संभव है !!
वैसे पॉज़िटिव रहने से बगल में पड़ी लाशें दिखती हैं या नहीं इस पर रिसर्च जारी है..
लेकिन इतना तय है कि सकारात्मकता और मर्यादा की फैक्ट्रियों में गज़ब उत्पादन चल रहा है!

भारतीय नवसंवत्सर की दुर्लभ परंपरा 🇮🇳 🙏 क़र्ज़ मुक्ति का प्रमाण देने वाले कैलेंडर

विक्रम संवत 2078 आज से शुरू हुआ है… ये सामान्य (ग्रेगोरियन) कैलेंडर से करीब 57 साल आगे चलता है
विक्रम या कोई भी संवत्सर जब सामने आते हैं तो मेरी इच्छा होती है 
कि आपसे शेयर करू कि संवत्सर चलाने का हक़ किसे था

The Virus YearBook : वायरस वार्षिकी

एक साल पहले का समय याद कर लीजिए.. कोरोनावायरस तब नया डर बनकर आया था.. थोड़े दिन गुज़रे तो डर पुराना हो गया.. आदत बन गया.. फिर बेफ़िक्री आई और अब डर का सालाना Subscription Renew हो गया है। वैक्सीन के प्रति आशंकित लोगों के सामने कोरोनावायरस, एक नया डर बनकर हाज़िर है… ऐसे में वायरस वार्षिकी आपसे शेयर कर रहा हूँ।

रोशनी देने वाला लेटरबॉक्स 📮

एक लेटरबॉक्स का पेटेंट.. उसमें चिट्ठी डालने की व्यवस्था थी.. और उससे रोशनी निकलने की व्यवस्था थी.. एक ऐसा लैंप पोस्ट जो रोशनी देता था और आसपास गुज़रते लोगों को याद दिलाता था कि उन्हें किसी को याद करते हुए कुछ लिखकर भेजना चाहिए..

Universe in a Post❤️Card : पोस्टकार्ड में ब्रह्मांड

प्रेम में एकांत का अनंत विस्तार होता है… दो प्रेमियों की दूरी मैंने एक पोस्टकार्ड में नापी है!

ख़ुद को एक फूल दिया है

75 सेकेंड्स के इस वीडियो में फूलों की कई पंखुरियों के साथ उम्मीद भी मौजूद है.. वही उम्मीद जो कुछ भी नया शुरू करते हुए हमारे अंदर होती है

बधाइयों की बर्फ़बारी.. प्रसन्नता के बिजलीघर

हर साल एक जनवरी आ ही नहीं पाती… क्योंकि इस तारीख़ पर बधाइयों की बर्फ़बारी होती हैकई बार बहुत ख़ुशनुमा … कई बार बर्फ़ सी ठंडी… कई दफ़ा निरर्थक.. और … Continue reading बधाइयों की बर्फ़बारी.. प्रसन्नता के बिजलीघर

The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. … Continue reading The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

बेदाग़ बड़े.. और सच्चे बच्चे

जो धूल.. कीचड़ में सने हैं.. प्रेम और एसिड से जले हैं.. जिन पर जीवन के निशान पड़े हैं.. जो दौड़ते भागते बच्चे हैं.. वही लगते सच्चे हैं

मन का स्मार्ट स्पीकर

“हे मनुष्य” “ओके मनुष्य” “थम जा मनुष्य.. आगे खाई है” ऐसे ही किसी जागृत कर देने वाले वाक्य से मन का स्मार्ट स्पीकर एक्टिव हो गया.. उसने माहौल को जज़्ब … Continue reading मन का स्मार्ट स्पीकर

Interspace : दूरी

इस कविता का जो केंद्रीय पात्र है.. वो आपकी ही तरह तैरता है हर रोज़, समय के सागर में… जहां ऊँची, तूफ़ानी लहरें आती हैं.. वहां घड़ी की सुइयों के … Continue reading Interspace : दूरी

Digestive System : पाचन शक्ति

इस विचार को मन के मर्तबान में डाला.. धूप में रख दिया.. फिर जो बना.. वो ये रहा.. थर्मोकोल, कांच, लकड़ी, मिट्टीअन्याय, हिक़ारत, ठंडा लहू , खौलते हुए तानेसब पचा … Continue reading Digestive System : पाचन शक्ति

DROPS : बूँदें

आसमान में रहने वाली बूँदों से लेकर आँखों में रहने वाली बूँदों तक.. सबको इस एक पोस्ट में लयबद्ध किया है.. इन पंक्तियों की बारिश में आप थोड़ी देर भीग सकते हैं..

Explorer : खोजी यात्री

क्या किसी शिखर पर घर बन सकता है ?.. थोड़ा सोचा इस पर तो लगा कि अस्तित्व की ऊँची नोक पर खेल का मैदान तो नहीं हो सकता.. उस नोक … Continue reading Explorer : खोजी यात्री

Point : बिंदु

जो लोग इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहते हैं.. वो दिन भर इंसान के भाग्य पर आश्चर्य करते होंगे कि रहने के लिए ऐसा.. नीले कंचे जैसा.. ग्रह मिला है.. और उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती होगी कि कोई खुद को कितना भी बड़ा समझे.. है तो वो एक बिंदु ही… बल्कि ये पूरा ग्रह ही एक बिंदु है.. सौरमंडल, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड के विस्तार में।

Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी

‪समय के साथ चीज़ें स्पष्ट होती जाती हैं ‬‪ये प्लूटो की तस्वीरें हैं जिनमें 85 साल का अंतर है ‬‪पहली तस्वीर 1930 की है‬‪अंतिम तस्वीर 2015 की है‬‪यही सूत्र जीवन … Continue reading Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी

Effort : प्रयास

हर प्रयास की एक उम्र होती है.. फिर उसकी प्रासंगिकता खोई हुई सी लगती है.. सच ये है कि सारे प्रयास हमेशा जीवित नहीं रह सकते.. उन्हें काल खंड की कँटीली तारों को पार करने की इजाज़त नहीं होती.. प्रयासों को अमरत्व का वरदान नहीं होता… अगर सारे प्रयास.. सदा के लिए जीवित रहने लगें.. तो शायद उनकी हैसियत खत्म हो जाएगी.. हालाँकि हमारे यहां कहते हैं कि कोई प्रयास बेकार नहीं जाता… इसलिए आपकी हर कोशिश की ख़ुशबू आ जाती है और दूर खड़ा कोई अनजान व्यक्ति भी आपको पहचान लेता है… प्रयास की नदी.. पहचान वाले समुद्र में ही मिलती है

A Bridge called Father : पुल हैं पिता

एक पुल है…… जो धीरे धीरे बना है…. कई वर्षों में…. कई हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर… अनुभव और वात्सल्य के कई ट्रक… गुजर कर उस पर से… आते हैं मुझ तक

Jewel & Thorns : ज़ेवर और काँटे

Jewel : ज़ेवर वायरस की तस्वीर को देखिए ज़ूम करके किसी माइक्रोस्कोप में बिलकुल ज़ेवर की तरह लगता है ग़रीबी-भुखमरी को ज़ूम करके देखिए उसमें स्पष्ट दिखते हैं बड़े बड़े … Continue reading Jewel & Thorns : ज़ेवर और काँटे

Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

कई बार लगता है कि अनुभव एक व्यक्ति से दूसरे में किसी जीवाणु की तरह यात्रा करता है.. और इस क्रम में कुछ इंसान.. दूसरे इंसानों के लिए एक सैंपल … Continue reading Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

आपदा, महामारी, संक्रमण के असर.. अजीब होते हैं.. जैसे कोई व्यंजन बन रहा हो.. और उसे बनाने की रेसिपी में लिखा हो… “समाज के छिलके-कूड़ा-करकट माने जाने वाले गरीब-भूखे-मजबूर-बेरोज़गार पहले … Continue reading Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

Cage 🦠 : पिंजरा

जैसे किसी बच्चे ने शरारत में एक लकीर खींच दीऔर अगले ही पलसबके आलीशान घरपिंजरे बन गए अब घरों में चिंताओं का, टकराती हुई आदतों का, बोरियत का ट्रैफ़िक जाम है..और सड़कों पर … Continue reading Cage 🦠 : पिंजरा

जब उसने कहा — New York City एक खूबसूरत बीमारी है

Jazz संगीत के रूमानी वातावरण में प्रेयसी गुनगुनाती है.. अपनी आवाज़ से प्रेम की लकीरें खींचकर रात को सुबह के छोर तक ले जाती है.. और टूटते संबंधों पर गाते हुए कहती है.. न्यूयॉर्क सिटी.. एक ख़ूबसूरत बीमारी है।

Womb 🦠 : वापस जा रहा हूँ माँ की कोख में

जननी ने बच्चे को दुनिया में छोड़ा था.. ममता के कवच के साथ.. पूरी रफ़्तार से.. अब दुनिया में ताला लग गया है.. तो बच्चा कह रहा है.. मैं वापस चला माँ की कोख में..

‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

कोरोना वायरस पर रिसर्च करते हुए पिछले दिनों 3 रिसर्च पेपर पढ़े इनमें से एक नेचर मेडिसिन में छपा है… और दूसरा रिसर्च पेपर थोड़ा पुराना है.. उसे केंब्रिज जर्नल्स … Continue reading ‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

Masks 🦠 : मुखौटे

अंदर तो हमेशा ही पहनकर रखते थे ये मुखौटे अब बाहर आ गये हैं अपनी पहचान ढूँढते घूम रहे लोगों में आजकल मुँह ढकने की होड़ है अब सब एक … Continue reading Masks 🦠 : मुखौटे