सच्चा Microphone 2 🎙 आप संज्ञा हैं या क्रिया ?

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

सच्चा Microphone 1 🎙 कैंची से कटी आवाज़ें

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

Recipe of Blood & Data : खून और आँकड़ों की ‘पाकविधि’

दवाओं और राजव्यवस्थाओं की मारक क्षमता छुपाने से लेकर विज्ञान और डर के नये नये बाज़ार बनाने तक, आंकड़ों का सामाजिक महाप्रयोग चल रहा है। आंकड़ों की बैसाखी दुनिया भर के लोगों को थमा दी गई है। और जिसके हाथ में बैसाखी हो, वो नारे नहीं लगा सकता, आवाज़ नहीं उठा सकता, आंकड़ों पर लगा ख़ून साफ़ नहीं कर सकता।

Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

हिंसा में आंसू तो होते हैं.. पर कई बार गहरा कटाक्ष भी होता है.. संताप होता है और क्रूरता का समारोह भी होता है.. हिंसा के तीन दिवसीय आयोजन के … Continue reading Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

Intoxication : ज़हर लिखा है.. खूब बिका है

ज़हर आजकल चलन में है, बिक रहा है.. और सफल होने का सिद्ध फ़ॉर्मूला भी है। अगर आप ज़हर उगलते हैं, ज़हर लिखते हैं, ज़हर के व्यापारी हैं, ज़हर को चटपटे फ़्लेवर में बेचने वाले दबंग दुकानदार हैं.. तो लोग आपको पहचानने लगेंगे..

Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

गणतंत्र को देखने के कई तरीक़े हैं.. कई लेंस हैं.. कई फ़िल्टर हैं.. 1950 में गणतंत्र दिवस कैसे मनाया गया था ? इस संदर्भ में British Pathe का पौने चार … Continue reading Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

Chai-चरित्र ☕️ (a Tea-nalysis)… एक चाय हो जाए !

चाय की प्यालियों के बीच वक़्त कैसे उधड़ता है.. चाय के घूँट इंसान को कैसे सहलाते हैं.. आज़ादी दिलाने वाले सवालों से चाय पर मुलाक़ात कैसे होती है ?… जब अंगारे आराम फ़रमाते हैं तो चाय पिलाना कैसे चाटुकारिता और जी हुज़ूरी बन जाता है.. और चाय में एक चम्मच चीनी घोलते हुए.. किस तरह का अध्यात्म दिखाई देता है ? …Read more…

Truth is forever ? 👨🏻‍💻 सच नहीं है सदा के लिए

हम सोचते रहते हैं कि जो सत्य है वो हमेशा हमेशा के लिए है, लेकिन इस दौर में लोग सत्य का स्थान परिवर्तन करवा देते हैं, उसकी दिशा बदल देते हैं… और फिर सुकुमार सा सच, झूठ के साथ चाय पकौड़ी करता नज़र आता है !

Low Power Mode of Humans : इंसान बिजली से नहीं चलते

इस दौर में हर इंसान पूरी तरह भरा हुआ है, उसके अंतर्मन में या जीवन में किसी और के लिए कोई जगह नहीं है। पहले लोग टकराते थे तो एक … Continue reading Low Power Mode of Humans : इंसान बिजली से नहीं चलते

A Silent room burns, with all memories

A Silent Room Burns 🔥 ख़ामोश कमरा जलता है

ये कविता 12 साल पुरानी है, इसमें एक ख़ामोश कमरा है, जो किसी किताब की तरह सारे लम्हों को अपने अंदर समेटे हुए है। ये भी कह सकते हैं कि … Continue reading A Silent Room Burns 🔥 ख़ामोश कमरा जलता है

मेरे दोस्त, मेरा अंधेरा पी गये : 7 Dimensions of Friendship

मुठ्ठी खोलते ही दोस्ती की सल्तनत शुरू हो जाती है। दोस्ती में अदृश्य सिहरन है, उपासना है, रोशनी की लकीर है, किसी का बोझ उठाने वाली ताकत है, राज़ को रखने वाली तिजोरी है, और वो अंधेरा भी जिसमें सारी महत्वाकांक्षाएं, स्वार्थ और आत्मा पर चिपके कालिख के कण धुल जाते हैं…….

Touch Screen : उँगलियों को सुन्न करने वाला काँच

क्या मैं आपका चेहरा छूकर देख सकती हूँ ? एक नेत्रहीन लड़की को एक मशहूर आदमी से ये सवाल पूछते हुए देखा, और उसी पल मन में आया कि छूकर … Continue reading Touch Screen : उँगलियों को सुन्न करने वाला काँच

प्रश्न❓Poetry : प्रश्नों को प्रक्षेपित करने वाला एक विचार और 10 कविताएँ

प्रश्नों का चरित्र भी अजीब होता है, वो तभी आते हैं जब आप थोड़ा धीमे हो जाते हैं, थोड़ा सा ठहर जाते हैं। इस दौर में ठहराव को मृत्यु के … Continue reading प्रश्न❓Poetry : प्रश्नों को प्रक्षेपित करने वाला एक विचार और 10 कविताएँ

दीया बनो, रोशनी रचो : Worship of Light

दीवाली पर आपके साथ कुछ रचनाएँ शेयर करना चाहता हूँ, इस पोस्ट में आगे जो वीडियो है वो एक पुरानी रचना पर आधारित है। इस विज़ुअल कविता को 2011 में … Continue reading दीया बनो, रोशनी रचो : Worship of Light

Climate Deal : महाशक्तियों को पूरी साँस नहीं मिलेगी

This is a special one for International Mother Earth Day पुरानी साँसें बहुत जल्द मैली हो जाएंगी इतनी मैली कि कार्बन जमने लगेगा सोच-समझ पर इसलिए सभ्य व्यापारियों को नई … Continue reading Climate Deal : महाशक्तियों को पूरी साँस नहीं मिलेगी

A Woman needs Acid : पैरों पर तेज़ाब डालने वाली औरतें

Tears are chains for women & they need to dissolve these chains with the acid of their confidence. This is about fearless fabric of a woman’s character. This is what … Continue reading A Woman needs Acid : पैरों पर तेज़ाब डालने वाली औरतें

Last Rites : अंतिम संस्कार

Core Thought / मूल विचार : क्या हमने रिश्ते कमाए हैं ? ये सवाल ही इस रचना का मूल तत्व है, हम सब जिस तरह चालाकी से, रिश्तों को भौतिक … Continue reading Last Rites : अंतिम संस्कार

आज़ादी : Melt chains & Fly

Hi, This is a poem about Freedom, its not about any country’s independence. Its about an individual, born free on this planet and then taught to be caged and manipulative. This … Continue reading आज़ादी : Melt chains & Fly

BlindFold : आंखों पर बंधी पट्टी

मूल विचार : आंखों पर बंधी पट्टी व्यक्ति और समाज को असल मुद्दों से भटका देती है, व्यसन और पूर्वाग्रह सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं होता, समाज भी इसका शिकार … Continue reading BlindFold : आंखों पर बंधी पट्टी

Souls on a Walk….. पैदल पैदल

Core thought : तेरे मेरे अंदर.. पैदल-पैदल.. एक रिश्ता सा चलता है / Deep inside You and me a Relationship walks slowly…   दौड़ के महक छपाक से रूह में कूदती … Continue reading Souls on a Walk….. पैदल पैदल

अंधेरा ज़रूरी है : Sometimes Darkness is all you need

Poem on one and most important shade of darkness. टेबल लैंप से झांकती रोशनी हम अपने अंधेरे में उलझे अपनी छाया से खेलते रोशनी से अंधेरे की तरफ फिसलते हुए … Continue reading अंधेरा ज़रूरी है : Sometimes Darkness is all you need

Our World is shrinking : हमारी दुनिया सिकुड़ रही है

जब आईना आज्ञाकारी हो जाता है, तो लोग मोहरे और दृश्य.. युद्धक्षेत्र बन जाते हैं.. 

रोशनी और पानी की मुलाक़ात | Light & Water on a Date

जल पर आज रोशनी ने घरौंदा बनाया है अब वो ठंडे ठंडे जल पर रहेगी लहर-लहर आशिकी होगी होगा कथक… साल्सा.. टैंगो वो जलेगी धक-धक… मस्त-मस्त फिर फुलझड़ी सी घूमी … Continue reading रोशनी और पानी की मुलाक़ात | Light & Water on a Date

प्रश्नPoetry 7 : बेचारी या Bitch ?

बेचारी और Bitch इन दो शब्दों, दो भाषाओं, दो संस्कृतियों के बीच खड़ी औरतें, किसी तीसरे शब्द का इंतज़ार कर रही हैं। क्या ये तीसरा शब्द ही तीसरा विश्वयुद्ध है … Continue reading प्रश्नPoetry 7 : बेचारी या Bitch ?

Walk of thoughts with Martin Scorsese | हर रंग एक चोट है… हवा चलती है… ब्रश रोता है… दर्द होता है

क्या Martin Scorsese ने मेरी कविता पढ़ ली या फिर सारे रचनात्मक लोगों की सोच ब्रह्माण्ड में चलते फिरते टकराती रहती है ? हाल ही में जारी हुआ Apple का … Continue reading Walk of thoughts with Martin Scorsese | हर रंग एक चोट है… हवा चलती है… ब्रश रोता है… दर्द होता है