The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. … Continue reading The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

Right to Equality : बराबरी का अधिकार

कविवार में अबकी बार, बराबरी का अधिकार। एक बात बताइये..क्या स्त्री और पुरुष..गुणों की किसी भी एक कसौटी पर बराबर हो सकते हैं? इसका जवाब है नहीं, ऐसा कभी नहीं … Continue reading Right to Equality : बराबरी का अधिकार

Birthdays : एक इंसान के अस्तित्व का महोत्सव

किसी का जन्मदिन, उसके लिए एक बहुत बड़ा और एकदम नया अवसर होता है। ये दिन अपने ख़्यालों में अपनी ही तस्वीर बनाने और उसमें रंग भरने का होता है। … Continue reading Birthdays : एक इंसान के अस्तित्व का महोत्सव

Blood Spots on Data Charts : आंकड़ों पर लगा ख़ून

समय समय पर आंकड़ों के लेप से चमकते हुए तमाम विचारों में, ख़ून का लाल रंग भी नज़र आ जाता है।

Interstellar Satire : ग्रहों के बीच बहती कटाक्ष की धूल

This is one of the my Poems from Deep Space, it has interstellar dust of mankind’s future. प्राण वायु के बिना क्या मेरे शब्द तुम तक पहुँचेंगे ? क्या वहाँ … Continue reading Interstellar Satire : ग्रहों के बीच बहती कटाक्ष की धूल

Love Stream 6 : आग में पिघली तो याद गर्म हो गई | Bonfire of Memories

Now feel the warmth of Love with Bonfire of Memories. I Hope it sparks some nice feelings. आग जली तो आस पास हवा गर्म हो गई सुबह गर्म हो गई … Continue reading Love Stream 6 : आग में पिघली तो याद गर्म हो गई | Bonfire of Memories

Let Your Dreams Play in Mud… ख़्वाब खेलें माटी में

Its all About your dreams, Verse by verse in both English and Hindi Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth My Painting – Head Full of Dreams  मत छेड़ो … Continue reading Let Your Dreams Play in Mud… ख़्वाब खेलें माटी में

Atmosphere.. हवाओं में पिघलते जाना

Finally my new poem is cooked…  it is… served with love. Hindi and English versions verse by verse जलते जाना, जलते जाना हवाओं में पिघलते जाना तमाम उखड़ती सांसों पर … Continue reading Atmosphere.. हवाओं में पिघलते जाना

A Flower to Myself – खुद को एक फूल दिया है

Have a Rose or any other Flower in your hand and read on First Hindi version which is followed by International Version Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by … Continue reading A Flower to Myself – खुद को एक फूल दिया है

Fusion of Sunlight & Clouds : बादल और धूप… एक प्रेम प्रसंग

बादल की बांहों में धूप पिघलती रही शहर ने आज देखा एक प्रेम प्रसंग Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth Sunlight just melting in arms of cloud … Continue reading Fusion of Sunlight & Clouds : बादल और धूप… एक प्रेम प्रसंग