सच्चा Microphone 2 🎙 आप संज्ञा हैं या क्रिया ?

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

सच्चा Microphone 1 🎙 कैंची से कटी आवाज़ें

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. … Continue reading The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

DROPS : बूँदें

आसमान में रहने वाली बूँदों से लेकर आँखों में रहने वाली बूँदों तक.. सबको इस एक पोस्ट में लयबद्ध किया है.. इन पंक्तियों की बारिश में आप थोड़ी देर भीग सकते हैं..

Explorer : खोजी यात्री

क्या किसी शिखर पर घर बन सकता है ?.. थोड़ा सोचा इस पर तो लगा कि अस्तित्व की ऊँची नोक पर खेल का मैदान तो नहीं हो सकता.. उस नोक … Continue reading Explorer : खोजी यात्री

Point : बिंदु

जो लोग इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहते हैं.. वो दिन भर इंसान के भाग्य पर आश्चर्य करते होंगे कि रहने के लिए ऐसा.. नीले कंचे जैसा.. ग्रह मिला है.. और उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती होगी कि कोई खुद को कितना भी बड़ा समझे.. है तो वो एक बिंदु ही… बल्कि ये पूरा ग्रह ही एक बिंदु है.. सौरमंडल, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड के विस्तार में।

A Bridge called Father : पुल हैं पिता

एक पुल है…… जो धीरे धीरे बना है…. कई वर्षों में…. कई हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर… अनुभव और वात्सल्य के कई ट्रक… गुजर कर उस पर से… आते हैं मुझ तक

Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

कई बार लगता है कि अनुभव एक व्यक्ति से दूसरे में किसी जीवाणु की तरह यात्रा करता है.. और इस क्रम में कुछ इंसान.. दूसरे इंसानों के लिए एक सैंपल … Continue reading Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

आपदा, महामारी, संक्रमण के असर.. अजीब होते हैं.. जैसे कोई व्यंजन बन रहा हो.. और उसे बनाने की रेसिपी में लिखा हो… “समाज के छिलके-कूड़ा-करकट माने जाने वाले गरीब-भूखे-मजबूर-बेरोज़गार पहले … Continue reading Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

Masks 🦠 : मुखौटे

अंदर तो हमेशा ही पहनकर रखते थे ये मुखौटे अब बाहर आ गये हैं अपनी पहचान ढूँढते घूम रहे लोगों में आजकल मुँह ढकने की होड़ है अब सब एक … Continue reading Masks 🦠 : मुखौटे

Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

गणतंत्र को देखने के कई तरीक़े हैं.. कई लेंस हैं.. कई फ़िल्टर हैं.. 1950 में गणतंत्र दिवस कैसे मनाया गया था ? इस संदर्भ में British Pathe का पौने चार … Continue reading Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

selective focus photo of yellow sunflower

Sunflowers : सौर किरणों के शक्ति पुष्प

रविवार को सूर्य से ऐसी किरणें निकलती हैं जो आपको आलसी…बहुत आलसी बना देती हैं। ये वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, ये रविवार को सूर्य और छुट्टी का दिन मानने के फलस्वरूप उपजा अनुभव है।
ये सूर्य की सुनहरी लकीरों का गणित है
जिसे सिर्फ मैं और तुम समझते हैं

Seething Society : खौलता हुआ समाज

ये आंदोलन वाली चिंगारियाँ हैं, ध्वनियां हैं.. या याचिकाएँ हैं.. ये फ़ैसला आपकी भावनाओं पर छोड़ता हूँ.. लेकिन इतना ज़रूर है कि इन्हें एक काव्यात्मक रिपोर्टाज की तरह देखा जा सकता है.. इन कविताओं का रास्ता, स्निग्ध.. धूप पीते शरीरों की तरह अवरोध-मुक्त नहीं है.. ये थोड़ा ऊबड़खाबड़ है.. इसलिए असुविधा के लिए खेद है.. आगे कवि काम पर है.. इस छोटे से प्रोजेक्ट का विस्तार भी लगातार होता रहेगा।

संकेतों को समझें तो इस राह में एक ध्वनि है.. फिर उसकी प्रतिध्वनि है, इसके बाद अंतर्ध्वनि है, फिर कंपन है और अंत में ध्वनि विस्तार है जिसे अंग्रेज़ी में Amplification of Sound भी कहते हैं।

i-Transform : संज्ञा से क्रिया तक

ये दौर संज्ञाओं का है.. जिन्हें जड़ होने के बावजूद विशालता का प्रतिरूप मान लिया गया है.. जबकि क्रिया को नौकर-चाकर के भाव से देखा जाता है.. जब कोई पैदा होता है तो नामकरण के साथ वो संज्ञा तो हो ही जाता है.. लेकिन विशुद्ध क्रिया होना.. जीवन के गूढ़ अर्थों का मान रखना है

Crunchy Democracy : कुरकुरा लोकतंत्र

राजपुरुष(या स्त्री)… फिर चाहे वे किसी भी सत्ता में क्यों न हों.. उन्हें लोकतंत्र को चबाने में बड़ा स्वाद आता है… घर.. दफ़्तर.. देश… दुनिया… हर जगह यही समीकरण है

The Hum-सफ़र Project |👫| प्यार बढ़ता है एक दूसरे का जूठा पीने से

नाम थोड़ा अंग्रेज़ी टाइप है.. लेकिन मायने ख़ालिस देसी हैं.. The Hum-Safar Project का अर्थ ये है कि हम सफ़र पर हैं… और इस सफ़र में हर दूसरे मोड़ पर … Continue reading The Hum-सफ़र Project |👫| प्यार बढ़ता है एक दूसरे का जूठा पीने से

Low Power Mode of Humans : इंसान बिजली से नहीं चलते

इस दौर में हर इंसान पूरी तरह भरा हुआ है, उसके अंतर्मन में या जीवन में किसी और के लिए कोई जगह नहीं है। पहले लोग टकराते थे तो एक … Continue reading Low Power Mode of Humans : इंसान बिजली से नहीं चलते

A Silent room burns, with all memories

A Silent Room Burns 🔥 ख़ामोश कमरा जलता है

ये कविता 12 साल पुरानी है, इसमें एक ख़ामोश कमरा है, जो किसी किताब की तरह सारे लम्हों को अपने अंदर समेटे हुए है। ये भी कह सकते हैं कि … Continue reading A Silent Room Burns 🔥 ख़ामोश कमरा जलता है

offline letters from home

घरेलू प्रेम पत्र 💌 Offline Letters from Home

डाक विभाग बर्फ़ की सिल्ली की तरह जम गया है, नेटवर्क ने हड़ताल कर दी है, वक़्त के इस Offline टुकड़े में कुछ पुराने बिखरे हुए पत्र मिले हैं। दुनिया से खुद को काटकर गृहस्थ जीवन जीना भी किसी काव्य से कम नहीं। ये वक़्त के कुछ ऐसे अंश हैं, जो आपको अपने से लगेंगे। 7 नये हैं और 5 पहले के लिखे हुए हैं, कुल मिलाकर 12 हुए

All the World is a Garage : मरम्मत तसल्लीबख़्श

नफ़रत के स्पार्क प्लग लगाकर घूम रहे लोग ये भूल गये हैं कि पूरी दुनिया एक गैराज है और हम सब उसमें अपनी सर्विस करवाने आए हैं © Siddharth Tripathi … Continue reading All the World is a Garage : मरम्मत तसल्लीबख़्श

Beauty vs Mirrors : ख़ूबसूरती और आईने का मुक़ाबला

लोग आईने के सामने आकर खुद से प्यार करने लगते थे। चाहे काले से सफ़ेद होते बाल हों, चेहरे पर समय की सलवटें हों, चाहे आँखों के नीचे नींद का काला पानी ठहरा हुआ हो। बड़े से बड़े आलोचक की आँख भी, अपने शरीर के इन बदलावों को अनुभव के रूप में देखती थी।

Havelis of Old Delhi : सपने देखने वाली पुरानी हवेलियां

“कभी आओ हवेली पे” कई फिल्मों में ये डायलॉग आपने सुना होगा, ये शब्द खलनायक के मुंह से निकलते थे, और मकसद भी पवित्र नहीं होता था। लेकिन इस कविता … Continue reading Havelis of Old Delhi : सपने देखने वाली पुरानी हवेलियां

Cups : प्याले

इस दौर में हर इंसान पूरी तरह भरा हुआ है, उसके अंतर्मन में या जीवन में किसी और के लिए कोई जगह नहीं है। पहले लोग टकराते थे तो एक … Continue reading Cups : प्याले

Rock Song : चूर चूर अभिमान

आपने किसी ढाबे में या घर में.. चूर-चूर नान या रोटियाँ तो ख़ूब खाई होंगी.. लेकिन क्या कभी अपने अंदर मौजूद अभिमान को चूर-चूर करने की कोशिश की है ? … Continue reading Rock Song : चूर चूर अभिमान

Satellite : चांद निकलता है तो मैं और तुम जुड़ जाते हैं

This Poem explores Moon as a communication satellite between Human Bodies, Human Souls and Human thoughts. दर्द और खुशी जब अंगड़ाई लेते हैं तो चिटकती है रात पूरी कायनात और … Continue reading Satellite : चांद निकलता है तो मैं और तुम जुड़ जाते हैं

Arrows Continued : दैनिक दशानन

जलकर, भस्म होकर फिर से खड़ा हो जाता है नाभि में तुम्हारे तीर का स्वागत करने के लिए दशानन थक नहीं रहा इसलिए तुम्हें भी मर्यादाओं की प्रत्यंचा बार बार … Continue reading Arrows Continued : दैनिक दशानन

SidTreenium : Self Portrait of an Element

सेल्फ पोर्ट्रेट यानी अपना शब्द चित्र बनाने की कोशिश की है। बहुत समय पहले, मूलत: अंग्रेज़ी में लिखी थी। सोचा था अपने जन्मदिन के दिन ही इसे पोस्ट करूंगा.. आज … Continue reading SidTreenium : Self Portrait of an Element

आज तुममें कुछ नया है : Subscription Renewed

  भेस बदलकर आया करो हर रोज़ अनजान लोगों से मिलना अच्छा लगता है कच्ची मिट्टी बनकर घूमा करो मेरे चाक पर हाथ से ढालना तुम्हें सच्चा लगता है हर … Continue reading आज तुममें कुछ नया है : Subscription Renewed

Orbits of Spouses : वर-वधू के बीच की अंतरिक्ष मालाएँ

This time i have tried to travel between the orbits of Spouses and the journey was very different…. meaningful. पति-पत्नी एक दूसरे से भिन्न एक दूसरे से खिन्न कभी एक … Continue reading Orbits of Spouses : वर-वधू के बीच की अंतरिक्ष मालाएँ

Respiration : श्वास

‘Poetic परिभाषाएँ’ : ये काव्यात्मक परिभाषाओं की श्रृंखला है। वैसे तो परिभाषा किसी भी शब्द का सटीक अर्थ बताती है लेकिन अगर उसमें काव्य की कुछ बूँदें भी डाल दी … Continue reading Respiration : श्वास

Colors in My Pocket : जेब में गुलाल

This Poem is a Colorful shortcut, towards life मैं एक मुठ्ठी गुलाल हमेशा जेब में रखता हूं अगर कभी मिले कोई सूखा कोना ज़िंदगी का कोई बुझा चेहरा या कोई … Continue reading Colors in My Pocket : जेब में गुलाल