Lockdown Duration : भारत को कितने दिन के लॉकडाउन की ज़रूरत है ?

‪प्रवासी मज़दूरों के पलायन की तस्वीरें सबको दुख दे रही हैं, पर ये लॉकडाउन 21 दिन में ख़त्म होता नहीं दिखता‬। ‪भारत को कम से कम 49 दिन के लॉकडाउन … Continue reading Lockdown Duration : भारत को कितने दिन के लॉकडाउन की ज़रूरत है ?

कोरोना 🦠 वाले 2020 में 1918 वाला सबक़

फ़िलहाल भारत में जो स्थिति है उसे सुलझाने के लिएPanic करने की ज़रूरत नहीं है..परंतु लापरवाह होकर Picnic करने की भी ज़रूरत नहीं हैये सावधान रहने और इतिहास से सबक़ … Continue reading कोरोना 🦠 वाले 2020 में 1918 वाला सबक़

Janta Curfew Notes : वायरस vs गरीब/ज़रूरतमंद

‪वायरस और व्यवस्था 🦠 ग़रीबों/ज़रूरतमंदों को चारों तरफ से घेर लेते हैं‬ ‪#ग़रीबीवायरस #Corona से भी भयंकर है ‪छोटी झुग्गी में अपने बड़े परिवार के साथ सटकर रहने वाले लोग‬ … Continue reading Janta Curfew Notes : वायरस vs गरीब/ज़रूरतमंद

Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

हिंसा में आंसू तो होते हैं.. पर कई बार गहरा कटाक्ष भी होता है.. संताप होता है और क्रूरता का समारोह भी होता है.. हिंसा के तीन दिवसीय आयोजन के … Continue reading Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

क्या नेहरू.. सरदार पटेल को कैबिनेट से बाहर रखना चाहते थे?

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने नारायणी बासु द्वारा लिखी गई वी पी मेनन की जीवनी का विमोचन करते हुए ये कहा और ट्वीट किया “ Learnt from the book that … Continue reading क्या नेहरू.. सरदार पटेल को कैबिनेट से बाहर रखना चाहते थे?

Spring Saraswati : वो मौसम जो खुद वाग्देवी सरस्वती ने लिखा

आसमान ने हीरे की अंगूठी पहनी है दिलों की बर्फ़ पिघल रही है जमी हुई चेतना पंख फड़फड़ा रही है हर कोई ठंडे घरों से बाहर निकलना या झाँकना चाहता … Continue reading Spring Saraswati : वो मौसम जो खुद वाग्देवी सरस्वती ने लिखा

Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

गणतंत्र को देखने के कई तरीक़े हैं.. कई लेंस हैं.. कई फ़िल्टर हैं.. 1950 में गणतंत्र दिवस कैसे मनाया गया था ? इस संदर्भ में British Pathe का पौने चार … Continue reading Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

Mind Games of Ravana : मन में रावण पार्टी कर रहा है !

इस दौर में रावण देखने के लिए कहीं बाहर जाने की ज़रूरत नहीं है, रावण आपके आसपास है, हो सकता है आपके मन के अंदर भी कोई रावण, पार्टी कर रहा हो ! उसके अट्टहास को सुनिए.. वो कहेगा कि ‘पार्टी यूँ ही चालेगी’.. लेकिन आप उसके घमंड का समारोह जब चाहे बंद कर सकते हैं। रावण के सॉफ्टवेयर में त्रुटियां हैं और इन त्रुटियों को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट की ज़रूरत है.. यानी राम और रावण के बीच सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट का फर्क है !

Gandhi Ji… Smile OK Please: कैसे मुस्कुराएँगे गांधी जी ?

करेंसी नोट पर गांधी जी हंस रहे हैं.. क्योंकि सबसे ज़्यादा पैसा डिफेंस/हथियारों पर खर्च हो रहा है

भाषणों में गांधी जी की अहिंसा ट्रेंड करती है जबकि हुक्मरानों की नीतियां किसी न किसी हिंसा को जन्म देती हैं

अहिंसा के पुजारी की जयंती पर लगभग सारे टीवी डिबेट्स के नाम हिंसक हैं / हिंसा से परोक्ष रूप से जुड़े हैं….. read more

Right to Equality : बराबरी का अधिकार

कविवार में अबकी बार, बराबरी का अधिकार। एक बात बताइये..क्या स्त्री और पुरुष..गुणों की किसी भी एक कसौटी पर बराबर हो सकते हैं? इसका जवाब है नहीं, ऐसा कभी नहीं … Continue reading Right to Equality : बराबरी का अधिकार

आज़ाद आवाज़ : Free Speech

आज़ादी एक ऐसा शब्द है जिसका विस्तार अनंत है, और इस विस्तार में कई बार सैकड़ों भाव और स्थितियां समाहित हो जाते हैं। आज़ादी के संदर्भ में देखें तो हर … Continue reading आज़ाद आवाज़ : Free Speech

Colors in My Pocket : जेब में गुलाल

This Poem is a Colorful shortcut, towards life मैं एक मुठ्ठी गुलाल हमेशा जेब में रखता हूं अगर कभी मिले कोई सूखा कोना ज़िंदगी का कोई बुझा चेहरा या कोई … Continue reading Colors in My Pocket : जेब में गुलाल

Diwali | इस बार दीवाली गीली नहीं है

Happy Diwali to all of you. I wrote this poem in 2015 and even today I feel like sharing it. This Hindi Poem Sketches essence of the festival of Diwali. दीयों … Continue reading Diwali | इस बार दीवाली गीली नहीं है

कृपया शांति का दान दें : Can Slogans curb Roadside Noise Pollution in Indian Cities ?

शांति की ज़रूरत बॉर्डर से ज़्यादा सड़कों पर है… सड़कों पर शोर और गुस्सा देखकर लगता है कि लोगों ने भारतीय संस्कृति को अपने स्टोर रूम में लगा ज़ीरो वॉट … Continue reading कृपया शांति का दान दें : Can Slogans curb Roadside Noise Pollution in Indian Cities ?

Cosmic Harmony : Perfect combination of billions of imperfections

This Poem is about Perfect combination of billions of imperfections around us. I used Shadows as a tool to convey my message of Cosmic Harmony. Please read and tell me how … Continue reading Cosmic Harmony : Perfect combination of billions of imperfections

Colors : दुनिया के सादे कागज़ पर आपके रंग

Core Thought : When you Play with Colors, whole World becomes a blank paper. रंगों से खेलना शुरू कीजिएदुनिया सादा काग़ज़ बन जाएगी I wish billions of colors, entering in … Continue reading Colors : दुनिया के सादे कागज़ पर आपके रंग

Exit Poll : एक वोटर की औक़ात

हसरतों के मंच पर नंगी आवाज़ें छल-कपट करती किस्सागोई सी है हर झूठ को प्रणाम करते आए हैं हम क्यों सुन्न हैं विचार आंख, रोई सी है आज दिल में … Continue reading Exit Poll : एक वोटर की औक़ात

Voice of Molten Roads | पिघले हुए रास्तों की आवाज़ 

  बारिश में पिघली पिघली सी सड़कें मुझसे कह रही हैं कि ज़िंदगी के रास्तों पर  दौड़ने की नहीं, बहने की ज़रूरत है International Version Monsoon Rains pouring around me … Continue reading Voice of Molten Roads | पिघले हुए रास्तों की आवाज़ 

प्रश्नPoetry 5 : Relationships Die ?

दुनिया से जाता हुआ आदमी कई सीढ़ियां छोड़ जाता है और कई ज़ंग खाए पुल भी न जाने कैसे नए रास्ते बन जाते हैं टूटे और छूटे हुए रिश्तों के … Continue reading प्रश्नPoetry 5 : Relationships Die ?

प्रश्नPoetry 4 : Clocks are Locks ?

घड़ी की सुई को पकड़कर लटके हुए लोग एक गोलाकार रास्ते पर चलते हुए जीवन जीते रहते हैं जो घड़ी की रफ़्तार है वही इन लोगों की रफ़्तार है जो … Continue reading प्रश्नPoetry 4 : Clocks are Locks ?

प्रश्नPoetry 3 : Dry Days | सूखा हुआ सा कुछ

  ठंडे पानी में, साबुन के बेईमान झाग में, उबलते हुए तेल के धुएँ में, उसके हाथों की सतह सिकुड़ने लगी थी फिर नये फूल-पत्तों का मौसम आया लेकिन उसके … Continue reading प्रश्नPoetry 3 : Dry Days | सूखा हुआ सा कुछ

प्रश्नPoetry 2 : Resonance | जीवन की धुनों का समारोह

मेरे आगे नाचती हुई वसंत की हवा, बालकनी पर लोहे की छड़ों को पकड़कर  झूला झूलती बारिश की बूंदें,  पीछे रवि शंकर का सितार वादन, और कहीं दूर से आती … Continue reading प्रश्नPoetry 2 : Resonance | जीवन की धुनों का समारोह

प्रश्नPoetry 1 : ख़्वाबों का सिर छत से टकराने लगा

Series of Prose.. each one ends with a question.   नज़र ऊंची पैर को उचककर देखने की आदत आजकल मेरे ख़्वाबों का सिर.. छत से टकराने लगा है क्या छतों … Continue reading प्रश्नPoetry 1 : ख़्वाबों का सिर छत से टकराने लगा

Cold Facts : बुद्धिजीवी बनाने वाले आंकड़े

A Poem on Cold Facts about so called Intellectual Society including you. चलो दुनिया की फिक्र कर लें, मोमबत्ती जला लें, थोड़ा ज़िक्र कर लें, Prince Charming.. Global Warming.. भूख.. जनसंख्या.. महामारी.. … Continue reading Cold Facts : बुद्धिजीवी बनाने वाले आंकड़े

Villages of India : मेरा गांव, मेरा देश

गांव की ज़मीन में आज भी चमकीले सपने नहीं उगते… लोगों को सपने उगाने के लिए कॉन्क्रीट के शहर में आना पड़ता है… शहरों के सपनीले आसमान के सामने गांव का आसमान बहुत खाली खाली लगता है… यही वजह है कि अपने बेहतर भविष्य की तलाश में लोग गांवों से और अपनी जड़ों से दूर भागते हैं… अब तक हिंदुस्तान में यही होता आया है.. इसका असर क्या हुआ है इस पर गौर करना ज़रूरी है

To lose is to Win – रेल के इंजन से नहीं लड़ना चाहिए

पापा से बात करते हुए अक्सर हम कहते रहते थे कि “रेल के इंजन से नहीं लड़ना चाहिए, रेल के इंजन से लड़ने का नतीजा होता है आपकी मौत” अब भी … Continue reading To lose is to Win – रेल के इंजन से नहीं लड़ना चाहिए

My last telegram to Princess : मेरा आखिरी तार

  Hindi Version आंखों के सामने धुआं था गहरा तभी कुछ मीठा जलने की बू आई दिल में ‘तार’ की तरह तू आई दरअसल जो होता है सबसे पास उसे … Continue reading My last telegram to Princess : मेरा आखिरी तार

A Picture is a Poem : Waves & Colorful Bangles

Tap or Click this to see Photograph समंदर किनारे टंगी चूड़ियों से लहरें गुज़रती हैं कलाई की तरह पास आना.. दूर जाना.. बनना.. मिट जाना कुबूल करो रिश्तों को… सच्चाई की … Continue reading A Picture is a Poem : Waves & Colorful Bangles