सच्चा Microphone 2 🎙 आप संज्ञा हैं या क्रिया ?

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

सच्चा Microphone 1 🎙 कैंची से कटी आवाज़ें

सच्चा माइक्रोफोन.. रिकॉर्ड करता है.. उन लम्हों को.. जो अकेले पड़े रहते हैं.. किसी की नज़र में नहीं आते…. घटनाओं के शोर से दबी… कैंची से कटी आवाज़ें भी.. सच्चे माइक्रोफ़ोन से बच नहीं पातीं

02 (Oxygen) : अपनेपन की प्राणवायु

किसी अपने को एक एक सांस के लिए तरसते देखकर… सारे कीर्तिमान… लड़ाई-झगड़े… व्यर्थ नज़र आते हैं… इस वक्त मृत्यु का बोध.. ये बता रहा है.. कि आसपास हर ज़िंदा कृति को.. अपनेपन की ऑक्सीजन की ज़रूरत है.. उन्हें ये ऑक्सीजन देते चलिए…

Recipe of Blood & Data : खून और आँकड़ों की ‘पाकविधि’

दवाओं और राजव्यवस्थाओं की मारक क्षमता छुपाने से लेकर विज्ञान और डर के नये नये बाज़ार बनाने तक, आंकड़ों का सामाजिक महाप्रयोग चल रहा है। आंकड़ों की बैसाखी दुनिया भर के लोगों को थमा दी गई है। और जिसके हाथ में बैसाखी हो, वो नारे नहीं लगा सकता, आवाज़ नहीं उठा सकता, आंकड़ों पर लगा ख़ून साफ़ नहीं कर सकता।

ख़ुद को एक फूल दिया है

75 सेकेंड्स के इस वीडियो में फूलों की कई पंखुरियों के साथ उम्मीद भी मौजूद है.. वही उम्मीद जो कुछ भी नया शुरू करते हुए हमारे अंदर होती है

The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. … Continue reading The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

बेदाग़ बड़े.. और सच्चे बच्चे

जो धूल.. कीचड़ में सने हैं.. प्रेम और एसिड से जले हैं.. जिन पर जीवन के निशान पड़े हैं.. जो दौड़ते भागते बच्चे हैं.. वही लगते सच्चे हैं

Interspace : दूरी

इस कविता का जो केंद्रीय पात्र है.. वो आपकी ही तरह तैरता है हर रोज़, समय के सागर में… जहां ऊँची, तूफ़ानी लहरें आती हैं.. वहां घड़ी की सुइयों के … Continue reading Interspace : दूरी

Digestive System : पाचन शक्ति

इस विचार को मन के मर्तबान में डाला.. धूप में रख दिया.. फिर जो बना.. वो ये रहा.. थर्मोकोल, कांच, लकड़ी, मिट्टीअन्याय, हिक़ारत, ठंडा लहू , खौलते हुए तानेसब पचा … Continue reading Digestive System : पाचन शक्ति

DROPS : बूँदें

आसमान में रहने वाली बूँदों से लेकर आँखों में रहने वाली बूँदों तक.. सबको इस एक पोस्ट में लयबद्ध किया है.. इन पंक्तियों की बारिश में आप थोड़ी देर भीग सकते हैं..

Point : बिंदु

जो लोग इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहते हैं.. वो दिन भर इंसान के भाग्य पर आश्चर्य करते होंगे कि रहने के लिए ऐसा.. नीले कंचे जैसा.. ग्रह मिला है.. और उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती होगी कि कोई खुद को कितना भी बड़ा समझे.. है तो वो एक बिंदु ही… बल्कि ये पूरा ग्रह ही एक बिंदु है.. सौरमंडल, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड के विस्तार में।

Effort : प्रयास

हर प्रयास की एक उम्र होती है.. फिर उसकी प्रासंगिकता खोई हुई सी लगती है.. सच ये है कि सारे प्रयास हमेशा जीवित नहीं रह सकते.. उन्हें काल खंड की कँटीली तारों को पार करने की इजाज़त नहीं होती.. प्रयासों को अमरत्व का वरदान नहीं होता… अगर सारे प्रयास.. सदा के लिए जीवित रहने लगें.. तो शायद उनकी हैसियत खत्म हो जाएगी.. हालाँकि हमारे यहां कहते हैं कि कोई प्रयास बेकार नहीं जाता… इसलिए आपकी हर कोशिश की ख़ुशबू आ जाती है और दूर खड़ा कोई अनजान व्यक्ति भी आपको पहचान लेता है… प्रयास की नदी.. पहचान वाले समुद्र में ही मिलती है

A Bridge called Father : पुल हैं पिता

एक पुल है…… जो धीरे धीरे बना है…. कई वर्षों में…. कई हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर… अनुभव और वात्सल्य के कई ट्रक… गुजर कर उस पर से… आते हैं मुझ तक

Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

कई बार लगता है कि अनुभव एक व्यक्ति से दूसरे में किसी जीवाणु की तरह यात्रा करता है.. और इस क्रम में कुछ इंसान.. दूसरे इंसानों के लिए एक सैंपल … Continue reading Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

आपदा, महामारी, संक्रमण के असर.. अजीब होते हैं.. जैसे कोई व्यंजन बन रहा हो.. और उसे बनाने की रेसिपी में लिखा हो… “समाज के छिलके-कूड़ा-करकट माने जाने वाले गरीब-भूखे-मजबूर-बेरोज़गार पहले … Continue reading Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

Masks 🦠 : मुखौटे

अंदर तो हमेशा ही पहनकर रखते थे ये मुखौटे अब बाहर आ गये हैं अपनी पहचान ढूँढते घूम रहे लोगों में आजकल मुँह ढकने की होड़ है अब सब एक … Continue reading Masks 🦠 : मुखौटे

Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

हिंसा में आंसू तो होते हैं.. पर कई बार गहरा कटाक्ष भी होता है.. संताप होता है और क्रूरता का समारोह भी होता है.. हिंसा के तीन दिवसीय आयोजन के … Continue reading Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

अपनी ही विरासत में पिता का आना देखा.. गाना देखा

मेरे पिता अब सत्तर वर्ष के हो रहे हैं.. लेकिन उनका कंठ आधी उम्र का है.. सबूत माँगना फ़ैशन में है.. तो इस बात का सबूत वीडियो के रूप में … Continue reading अपनी ही विरासत में पिता का आना देखा.. गाना देखा

Intoxication : ज़हर लिखा है.. खूब बिका है

ज़हर आजकल चलन में है, बिक रहा है.. और सफल होने का सिद्ध फ़ॉर्मूला भी है। अगर आप ज़हर उगलते हैं, ज़हर लिखते हैं, ज़हर के व्यापारी हैं, ज़हर को चटपटे फ़्लेवर में बेचने वाले दबंग दुकानदार हैं.. तो लोग आपको पहचानने लगेंगे..

Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

गणतंत्र को देखने के कई तरीक़े हैं.. कई लेंस हैं.. कई फ़िल्टर हैं.. 1950 में गणतंत्र दिवस कैसे मनाया गया था ? इस संदर्भ में British Pathe का पौने चार … Continue reading Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

selective focus photo of yellow sunflower

Sunflowers : सौर किरणों के शक्ति पुष्प

रविवार को सूर्य से ऐसी किरणें निकलती हैं जो आपको आलसी…बहुत आलसी बना देती हैं। ये वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, ये रविवार को सूर्य और छुट्टी का दिन मानने के फलस्वरूप उपजा अनुभव है।
ये सूर्य की सुनहरी लकीरों का गणित है
जिसे सिर्फ मैं और तुम समझते हैं

i-Transform : संज्ञा से क्रिया तक

ये दौर संज्ञाओं का है.. जिन्हें जड़ होने के बावजूद विशालता का प्रतिरूप मान लिया गया है.. जबकि क्रिया को नौकर-चाकर के भाव से देखा जाता है.. जब कोई पैदा होता है तो नामकरण के साथ वो संज्ञा तो हो ही जाता है.. लेकिन विशुद्ध क्रिया होना.. जीवन के गूढ़ अर्थों का मान रखना है

Crunchy Democracy : कुरकुरा लोकतंत्र

राजपुरुष(या स्त्री)… फिर चाहे वे किसी भी सत्ता में क्यों न हों.. उन्हें लोकतंत्र को चबाने में बड़ा स्वाद आता है… घर.. दफ़्तर.. देश… दुनिया… हर जगह यही समीकरण है

The Hum-सफ़र Project |👫| प्यार बढ़ता है एक दूसरे का जूठा पीने से

नाम थोड़ा अंग्रेज़ी टाइप है.. लेकिन मायने ख़ालिस देसी हैं.. The Hum-Safar Project का अर्थ ये है कि हम सफ़र पर हैं… और इस सफ़र में हर दूसरे मोड़ पर … Continue reading The Hum-सफ़र Project |👫| प्यार बढ़ता है एक दूसरे का जूठा पीने से

Mind Games of Ravana : मन में रावण पार्टी कर रहा है !

इस दौर में रावण देखने के लिए कहीं बाहर जाने की ज़रूरत नहीं है, रावण आपके आसपास है, हो सकता है आपके मन के अंदर भी कोई रावण, पार्टी कर रहा हो ! उसके अट्टहास को सुनिए.. वो कहेगा कि ‘पार्टी यूँ ही चालेगी’.. लेकिन आप उसके घमंड का समारोह जब चाहे बंद कर सकते हैं। रावण के सॉफ्टवेयर में त्रुटियां हैं और इन त्रुटियों को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट की ज़रूरत है.. यानी राम और रावण के बीच सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट का फर्क है !

Cold Blooded Species : ठंडे खून वाली प्रजातियां !

ये चार कविताओं का एक फोल्डर है ‘Master’-Key : चाबी व्यवस्था के पास है Road Roller : सावधान, आदमी काम पर हैं Spine : रीढ़ की हड्डी Questions : प्रश्न … Continue reading Cold Blooded Species : ठंडे खून वाली प्रजातियां !

A Silent room burns, with all memories

A Silent Room Burns 🔥 ख़ामोश कमरा जलता है

ये कविता 12 साल पुरानी है, इसमें एक ख़ामोश कमरा है, जो किसी किताब की तरह सारे लम्हों को अपने अंदर समेटे हुए है। ये भी कह सकते हैं कि … Continue reading A Silent Room Burns 🔥 ख़ामोश कमरा जलता है

Observatory : गुरु और शिक्षक के बीच का फ़र्क़

महावीर वाणी में आध्यात्मिक गुरु ओशो ने ये विश्लेषण किया है.. शिक्षक दिवस हो या कोई भी और दिन हो..ये पढ़ने लायक़ है। गुरु की धारणा मौलिक रूप से पूर्वीय … Continue reading Observatory : गुरु और शिक्षक के बीच का फ़र्क़

विष-अमृत : Poison Defeated !

ये Poison की पराजय का उद्घोष है संसार में विष घोलने वालों को मेरी तरफ से ढेर सारा अमृत, बचपन में हम विष अमृत बहुत खेलते थे। तब विष को … Continue reading विष-अमृत : Poison Defeated !

Adam eve and apple of politics illustration

Adam-Eve & Apple of Politics : आदम-हव्वा और सियासत का सेब

Eyes burning with Hunger & Lust, Not seeing anyone, Not sparing anyone. Just want to take a bite of that luscious Apple, At any cost. It’s about Eve and Adam, Me and … Continue reading Adam-Eve & Apple of Politics : आदम-हव्वा और सियासत का सेब

Siddharth with parents in 1983-84

पचपन वाला बचपन : Celebrating Fatherhood

जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे वैसे बचपन से दूरी बढ़ती जाती है, और बचपन जैसी आज़ादी की ख़्वाहिश भी। पिता बनने का सौभाग्य किसी को तभी मिलता है जब … Continue reading पचपन वाला बचपन : Celebrating Fatherhood

Sorrows of Strangers : पराये दुख भी शक्ति देते हैं

Core Thought / मूल विचार – Harnessing Energy from sorrows.. यानी अपने और पराये दुखों को कच्चे माल की तरह इस्तेमाल करके अपने लिए ऊर्जा बनाना। ये दो कविताएं और … Continue reading Sorrows of Strangers : पराये दुख भी शक्ति देते हैं