Universe in a Post❤️Card : पोस्टकार्ड में ब्रह्मांड

प्रेम में एकांत का अनंत विस्तार होता है… दो प्रेमियों की दूरी मैंने एक पोस्टकार्ड में नापी है!

Womb 🦠 : वापस जा रहा हूँ माँ की कोख में

जननी ने बच्चे को दुनिया में छोड़ा था.. ममता के कवच के साथ.. पूरी रफ़्तार से.. अब दुनिया में ताला लग गया है.. तो बच्चा कह रहा है.. मैं वापस चला माँ की कोख में..

Atmosphere : माहौल

अक्सर माहौल की बात होती रहती है। माहौल ठीक है / नहीं है / पहले ऐसा नहीं था / अब वो बात नहीं रही / जो चाहते थे वो क्यों … Continue reading Atmosphere : माहौल

Satellite : चाँद निकलता है तो मैं और तुम जुड़ जाते हैं !

Transcript दर्द और खुशी जब अंगड़ाई लेते हैं तो चिटकती है रात पूरी कायनात और तमाम चेहरे अपने से उड़ते हैं जुगनुओं की तरह लेकिन नज़र आसमान में चांद को … Continue reading Satellite : चाँद निकलता है तो मैं और तुम जुड़ जाते हैं !

Havelis of Old Delhi : सपने देखने वाली पुरानी हवेलियां

“कभी आओ हवेली पे” कई फिल्मों में ये डायलॉग आपने सुना होगा, ये शब्द खलनायक के मुंह से निकलते थे, और मकसद भी पवित्र नहीं होता था। लेकिन इस कविता … Continue reading Havelis of Old Delhi : सपने देखने वाली पुरानी हवेलियां

Climate Deal : महाशक्तियों को पूरी साँस नहीं मिलेगी

This is a special one for International Mother Earth Day पुरानी साँसें बहुत जल्द मैली हो जाएंगी इतनी मैली कि कार्बन जमने लगेगा सोच-समझ पर इसलिए सभ्य व्यापारियों को नई … Continue reading Climate Deal : महाशक्तियों को पूरी साँस नहीं मिलेगी

Cold Facts : बुद्धिजीवी बनाने वाले आंकड़े

A Poem on Cold Facts about so called Intellectual Society including you. चलो दुनिया की फिक्र कर लें, मोमबत्ती जला लें, थोड़ा ज़िक्र कर लें, Prince Charming.. Global Warming.. भूख.. जनसंख्या.. महामारी.. … Continue reading Cold Facts : बुद्धिजीवी बनाने वाले आंकड़े