Uh Huh : अहां

ना जाने कितनी बार ये ध्वनि आपके मुँह से और अंतर्मन से निकली होगी। लेकिन शायद आपने इसकी संरचना के बारे में कभी सोचा नहीं होगा, क्योंकि ये बहुत ही … Continue reading Uh Huh : अहां

अंधेरी सुरंग की आख़िरी रोशनी : Tunnels & Lights

This is my attempt with the art of rap. It’s silky with a message embroidered gracefully. Smoke sip suck this life Pop pour pure these eyes Days drippin’ Hands grippin’ … Continue reading अंधेरी सुरंग की आख़िरी रोशनी : Tunnels & Lights

Colors in My Pocket : जेब में गुलाल

This Poem is a Colorful shortcut, towards life मैं एक मुठ्ठी गुलाल हमेशा जेब में रखता हूं अगर कभी मिले कोई सूखा कोना ज़िंदगी का कोई बुझा चेहरा या कोई … Continue reading Colors in My Pocket : जेब में गुलाल

Souls on a Walk….. पैदल पैदल

Core thought : तेरे मेरे अंदर.. पैदल-पैदल.. एक रिश्ता सा चलता है / Deep inside You and me a Relationship walks slowly…   दौड़ के महक छपाक से रूह में कूदती … Continue reading Souls on a Walk….. पैदल पैदल

Our World is shrinking : हमारी दुनिया सिकुड़ रही है

जब आईना आज्ञाकारी हो जाता है, तो लोग मोहरे और दृश्य.. युद्धक्षेत्र बन जाते हैं.. 

LOC of Skin : घर और दुनिया

Your Home and Your World is divided by your skin, this poem redefines our concept of home and world.

और उस योद्धा ने हथियार रख दिये
क्योंकि वो जानता था कि किसी भी युद्ध में उसकी जीत निश्चित है…

Voice of Molten Roads | पिघले हुए रास्तों की आवाज़ 

  बारिश में पिघली पिघली सी सड़कें मुझसे कह रही हैं कि ज़िंदगी के रास्तों पर  दौड़ने की नहीं, बहने की ज़रूरत है International Version Monsoon Rains pouring around me … Continue reading Voice of Molten Roads | पिघले हुए रास्तों की आवाज़ 

Let Your Dreams Play in Mud… ख़्वाब खेलें माटी में

Its all About your dreams, Verse by verse in both English and Hindi Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth My Painting – Head Full of Dreams  मत छेड़ो … Continue reading Let Your Dreams Play in Mud… ख़्वाब खेलें माटी में

Atmosphere.. हवाओं में पिघलते जाना

Finally my new poem is cooked…  it is… served with love. Hindi and English versions verse by verse जलते जाना, जलते जाना हवाओं में पिघलते जाना तमाम उखड़ती सांसों पर … Continue reading Atmosphere.. हवाओं में पिघलते जाना

Die in You : होना, न होने में है

Kill your Super Ego and become meaningful – Sufi Sayings Hindi Poem followed by English Version for International Readers Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth पानी पर … Continue reading Die in You : होना, न होने में है

Desert Froze, Time Flows : थोड़ा गुनगुना हो सब कुछ

Hindi Poem followed by Translation in English for International Readers Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth अंदर ही अंदर बर्फ सी जमी… भागती, हांफती ज़िंदगी में… कुछ … Continue reading Desert Froze, Time Flows : थोड़ा गुनगुना हो सब कुछ

Boiling Ocean of Mumbai City…. उबलता समंदर

Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth Poem in Hindi जब दो जोड़ा आंखें.. सपने बुन रही थीं.. समंदर चुप था ‘चिल्लर’ की भूख, मवाली का दबदबा दारू … Continue reading Boiling Ocean of Mumbai City…. उबलता समंदर