Boiling Ocean of Mumbai City…. उबलता समंदर

Taken from bilingual poem collection ‘Poetic Buddha’ by Siddharth Poem in Hindi जब दो जोड़ा आंखें.. सपने बुन रही थीं.. समंदर चुप था ‘चिल्लर’ की भूख, मवाली का दबदबा दारू … Continue reading Boiling Ocean of Mumbai City…. उबलता समंदर