• चांद के टुकड़े : Pieces of Moon
    चांद के टुकड़े : Pieces of Moon

    हर उपभोक्ता की मंद मंद मुस्कान में .. निर्माता के पैरों की बेवाइयां दिखती हैं ..

  • Sapped Warrior : योद्धा की थकान ही उसकी मृत्यु है
    Sapped Warrior : योद्धा की थकान ही उसकी मृत्यु है

    कोरोना के संकटकाल में हर घर में थकान की पर्वत श्रृंखलाएँ बन गई हैं .. जिन्हें पार करना बहुत मुश्किल लगता है.. हालाँकि ये असंभव नहीं है.. आपको लगता होगा कि आप एक योद्धा हैं और आप थक पाने की स्थिति में नहीं है…

  • Digestive System : पाचन शक्ति
    Digestive System : पाचन शक्ति

    इस विचार को मन के मर्तबान में डाला.. धूप में रख दिया.. फिर जो बना.. वो ये रहा.. थर्मोकोल, कांच, लकड़ी, मिट्टीअन्याय, हिक़ारत, ठंडा लहू , खौलते हुए तानेसब पचा लेते हैंकुछ लोगों की भूख हर चीज़ को गला देती है अभावों मेंबढ़ जाती है पाचन शक्तिसंपन्नता अपने साथपाचन की गोलियाँ लेकर आती है

  • DROPS : बूँदें
    DROPS : बूँदें

    आसमान में रहने वाली बूँदों से लेकर आँखों में रहने वाली बूँदों तक.. सबको इस एक पोस्ट में लयबद्ध किया है.. इन पंक्तियों की बारिश में आप थोड़ी देर भीग सकते हैं..

  • Explorer : खोजी यात्री
    Explorer : खोजी यात्री

    क्या किसी शिखर पर घर बन सकता है ?.. थोड़ा सोचा इस पर तो लगा कि अस्तित्व की ऊँची नोक पर खेल का मैदान तो नहीं हो सकता.. उस नोक पर कोई आराम कुर्सी नहीं हो सकती… वहां पहुँचकर विचार.. एक पैर के बल पर खड़ा तो रह सकता है.. पर विस्तार नहीं ले सकता… […]

  • Point : बिंदु
    Point : बिंदु

    जो लोग इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहते हैं.. वो दिन भर इंसान के भाग्य पर आश्चर्य करते होंगे कि रहने के लिए ऐसा.. नीले कंचे जैसा.. ग्रह मिला है.. और उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती होगी कि कोई खुद को कितना भी बड़ा समझे.. है तो वो एक बिंदु ही… बल्कि ये पूरा ग्रह ही एक बिंदु है.. सौरमंडल, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड के विस्तार में।

  • Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी
    Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी

    ‪समय के साथ चीज़ें स्पष्ट होती जाती हैं ‬‪ये प्लूटो की तस्वीरें हैं जिनमें 85 साल का अंतर है ‬‪पहली तस्वीर 1930 की है‬‪अंतिम तस्वीर 2015 की है‬‪यही सूत्र जीवन का भी है‬‪लोग, चरित्र, कर्म, फल… सबकी कसौटी समय है‬‪समय हर व्याधि/खूबी को दिखा देता है‬‪हर भ्रम की उम्र समय के रहमोकरम पर है‬

  • Effort : प्रयास
    Effort : प्रयास

    हर प्रयास की एक उम्र होती है.. फिर उसकी प्रासंगिकता खोई हुई सी लगती है.. सच ये है कि सारे प्रयास हमेशा जीवित नहीं रह सकते.. उन्हें काल खंड की कँटीली तारों को पार करने की इजाज़त नहीं होती.. प्रयासों को अमरत्व का वरदान नहीं होता… अगर सारे प्रयास.. सदा के लिए जीवित रहने लगें.. तो शायद उनकी हैसियत खत्म हो जाएगी.. हालाँकि हमारे यहां कहते हैं कि कोई प्रयास बेकार नहीं जाता… इसलिए आपकी हर कोशिश की ख़ुशबू आ जाती है और दूर खड़ा कोई अनजान व्यक्ति भी आपको पहचान लेता है… प्रयास की नदी.. पहचान वाले समुद्र में ही मिलती है

  • A Bridge called Father : पुल हैं पिता
    A Bridge called Father : पुल हैं पिता

    एक पुल है…… जो धीरे धीरे बना है…. कई वर्षों में…. कई हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर… अनुभव और वात्सल्य के कई ट्रक… गुजर कर उस पर से… आते हैं मुझ तक

  • छोटा आसमान
    छोटा आसमान

    आत्महत्या करने वाले के लिए…. कई बार… उसका खुद का चुना हुआ आसमान छोटा पड़ जाता है

  • Rings Of A Tree 🌳 पेड़ की उम्र के छल्ले
    Rings Of A Tree 🌳 पेड़ की उम्र के छल्ले

    पेड़ की उम्र पूछी तो थी उसने… जवाब नहीं मिला… तो आरी चला दी…

  • Jewel & Thorns : ज़ेवर और काँटे
    Jewel & Thorns : ज़ेवर और काँटे

    Jewel : ज़ेवर वायरस की तस्वीर को देखिए ज़ूम करके किसी माइक्रोस्कोप में बिलकुल ज़ेवर की तरह लगता है ग़रीबी-भुखमरी को ज़ूम करके देखिए उसमें स्पष्ट दिखते हैं बड़े बड़े लोग ज़ेवर सोने के… चाँदी के.. प्रतिष्ठा के लगते हैं वायरस की तरह.. Thorns : काँटे अपनी तर्जनी उँगली सामने वाले पर उठा दो इतनी […]

  • Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव
    Experience of a Sample Human 🦠 : सैंपल मनुष्य का अनुभव

    कई बार लगता है कि अनुभव एक व्यक्ति से दूसरे में किसी जीवाणु की तरह यात्रा करता है.. और इस क्रम में कुछ इंसान.. दूसरे इंसानों के लिए एक सैंपल का काम करते हैं.. सैंपल मनुष्य वो है.. जिस पर सारे प्रयोग होते हैं… और जिसका जीवन और मृत्यु दूसरे को बचाने के काम आते […]

  • Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?
    Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

    आपदा, महामारी, संक्रमण के असर.. अजीब होते हैं.. जैसे कोई व्यंजन बन रहा हो.. और उसे बनाने की रेसिपी में लिखा हो… “समाज के छिलके-कूड़ा-करकट माने जाने वाले गरीब-भूखे-मजबूर-बेरोज़गार पहले अलग निकाल लीजिए.. ना निकले तो पानी में भिगोकर छोड़ दीजिए.. थोड़ा समय बीतने पर छिलका अलग हो जाएगा.. और समाज का संपन्न हिस्सा तैयार […]

  • Cage 🦠 : पिंजरा
    Cage 🦠 : पिंजरा

    जैसे किसी बच्चे ने शरारत में एक लकीर खींच दीऔर अगले ही पलसबके आलीशान घरपिंजरे बन गए अब घरों में चिंताओं का, टकराती हुई आदतों का, बोरियत का ट्रैफ़िक जाम है..और सड़कों पर बेफ़िक्री ऊँघ रही हैपशु-पक्षी बिना टिकट देख रहे हैं मनुष्य कोदुनिया के सन्नाटे में ये गज़ब गोष्ठी हो रही है

  • जब उसने कहा — New York City एक खूबसूरत बीमारी है
    जब उसने कहा — New York City एक खूबसूरत बीमारी है

    Jazz संगीत के रूमानी वातावरण में प्रेयसी गुनगुनाती है.. अपनी आवाज़ से प्रेम की लकीरें खींचकर रात को सुबह के छोर तक ले जाती है.. और टूटते संबंधों पर गाते हुए कहती है.. न्यूयॉर्क सिटी.. एक ख़ूबसूरत बीमारी है।

  • Womb 🦠 : वापस जा रहा हूँ माँ की कोख में
    Womb 🦠 : वापस जा रहा हूँ माँ की कोख में

    जननी ने बच्चे को दुनिया में छोड़ा था.. ममता के कवच के साथ.. पूरी रफ़्तार से.. अब दुनिया में ताला लग गया है.. तो बच्चा कह रहा है.. मैं वापस चला माँ की कोख में..

  • ‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर
    ‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

    कोरोना वायरस पर रिसर्च करते हुए पिछले दिनों 3 रिसर्च पेपर पढ़े इनमें से एक नेचर मेडिसिन में छपा है… और दूसरा रिसर्च पेपर थोड़ा पुराना है.. उसे केंब्रिज जर्नल्स में 2013 में छापा गया था और तीसरा स्टैनफर्ड मेडिसिन का है। इन तीनों रिसर्च पेपर्स के ज़रिए कुछ महत्वपूर्ण पहलू सामने आए.. सोचा आपके […]

  • Masks 🦠 : मुखौटे
    Masks 🦠 : मुखौटे

    अंदर तो हमेशा ही पहनकर रखते थे ये मुखौटे अब बाहर आ गये हैं अपनी पहचान ढूँढते घूम रहे लोगों में आजकल मुँह ढकने की होड़ है अब सब एक जैसे लगते हैं Notebook Version (वो जो पन्ने फाड़कर मन की तिजोरियों में रखे जाते हैं, वैसा ही कुछ… इसे क्लिक करते ही बड़े आकार […]

  • Moon Line in Lockdown : चांद की आज़ाद लकीर
    Moon Line in Lockdown : चांद की आज़ाद लकीर

    Tap or Click Play चाँद किसी लॉकडाउन में नहीं हैवो उम्मीदों वाले विभाग का आपातकालीन सेवक हैहर आँख..चाँद को देखते हुएआसमान में आज़ादी की लकीर खींच रही है