• You’re an Artist : आप.. सृष्टि के रचयिता
    You’re an Artist : आप.. सृष्टि के रचयिता

    जगह जगह से सड़ती-गलती दुनिया को रहने लायक बना देते हैं.. आप सब आर्टिस्ट हैं.. सृष्टि के रचयिता…

  • Universe in a Post❤️Card : पोस्टकार्ड में ब्रह्मांड
    Universe in a Post❤️Card : पोस्टकार्ड में ब्रह्मांड

    प्रेम में एकांत का अनंत विस्तार होता है… दो प्रेमियों की दूरी मैंने एक पोस्टकार्ड में नापी है!

  • ख़ुद को एक फूल दिया है
    ख़ुद को एक फूल दिया है

    75 सेकेंड्स के इस वीडियो में फूलों की कई पंखुरियों के साथ उम्मीद भी मौजूद है.. वही उम्मीद जो कुछ भी नया शुरू करते हुए हमारे अंदर होती है

  • बादल 🌤 धूप के बीच ‘कुछ ❤️’ चल रहा है.. !
    बादल 🌤  धूप के बीच ‘कुछ ❤️’ चल रहा है.. !

    बादल और धूप की अठखेलियों का मौसम.. और उससे उपजा एक प्रेम संवाद

  • बधाइयों की बर्फ़बारी.. प्रसन्नता के बिजलीघर
    बधाइयों की बर्फ़बारी.. प्रसन्नता के बिजलीघर

    हर साल एक जनवरी आ ही नहीं पाती… क्योंकि इस तारीख़ पर बधाइयों की बर्फ़बारी होती हैकई बार बहुत ख़ुशनुमा … कई बार बर्फ़ सी ठंडी… कई दफ़ा निरर्थक.. और सूखी बधाइयाँ आती हैंऔर बहुत सारी शुभकामनाएँ ऐसी भी होती हैं..जिनसे बोरियत के छिलके उतारने पड़ते हैं…तब जाकर उनसे.. संदेश भेजने वाले के भाव की […]

  • Journey : यात्रा
    Journey : यात्रा

    सीढ़ी अफ़सोस नहीं करती.. सीढ़ी अनंत यात्राएँ करती है.. ऊपर से गुज़रते हर कदम के साथ !

  • The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा
    The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

    आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. और ये बात इंसान को हमेशा आँखों की नक़ल बनाने के लिए प्रेरित करती रही। कैमरे का आविष्कार इसी का नतीजा है। शुरुआत में छवियाँ […]

  • बेदाग़ बड़े.. और सच्चे बच्चे
    बेदाग़ बड़े.. और सच्चे बच्चे

    जो धूल.. कीचड़ में सने हैं.. प्रेम और एसिड से जले हैं.. जिन पर जीवन के निशान पड़े हैं.. जो दौड़ते भागते बच्चे हैं.. वही लगते सच्चे हैं

  • Garden of Sorrows : दुख उसका श्रृंगार थे
    Garden of Sorrows : दुख उसका श्रृंगार थे

    दिन भर के दुख उसका श्रृंगार थे.. कभी हाथों में कंगन की तरह पहनती… कभी गले में उजले हार की तरह !

  • मन का स्मार्ट स्पीकर
    मन का स्मार्ट स्पीकर

    “हे मनुष्य” “ओके मनुष्य” “थम जा मनुष्य.. आगे खाई है” ऐसे ही किसी जागृत कर देने वाले वाक्य से मन का स्मार्ट स्पीकर एक्टिव हो गया.. उसने माहौल को जज़्ब किया.. और फिर.. एक-एक करके कुछ बातें कहीं.. इन बातों में जो पात्र हैं.. वो काल्पनिक नहीं हैं… वो सब आपके आसपास ही मौजूद हैं […]

  • Interspace : दूरी
    Interspace : दूरी

    इस कविता का जो केंद्रीय पात्र है.. वो आपकी ही तरह तैरता है हर रोज़, समय के सागर में… जहां ऊँची, तूफ़ानी लहरें आती हैं.. वहां घड़ी की सुइयों के सहारे हो जाता है.. और लहर के ढहते ही.. फिर तैरता है दम लगाकर… चीरता चला जाता है पानी को.. जीवित दिखने वाली निर्जीव वस्तुओं […]

  • चांद के टुकड़े : Pieces of Moon
    चांद के टुकड़े : Pieces of Moon

    हर उपभोक्ता की मंद मंद मुस्कान में .. निर्माता के पैरों की बेवाइयां दिखती हैं ..

  • Sapped Warrior : योद्धा की थकान ही उसकी मृत्यु है
    Sapped Warrior : योद्धा की थकान ही उसकी मृत्यु है

    कोरोना के संकटकाल में हर घर में थकान की पर्वत श्रृंखलाएँ बन गई हैं .. जिन्हें पार करना बहुत मुश्किल लगता है.. हालाँकि ये असंभव नहीं है.. आपको लगता होगा कि आप एक योद्धा हैं और आप थक पाने की स्थिति में नहीं है…

  • Digestive System : पाचन शक्ति
    Digestive System : पाचन शक्ति

    इस विचार को मन के मर्तबान में डाला.. धूप में रख दिया.. फिर जो बना.. वो ये रहा.. थर्मोकोल, कांच, लकड़ी, मिट्टीअन्याय, हिक़ारत, ठंडा लहू , खौलते हुए तानेसब पचा लेते हैंकुछ लोगों की भूख हर चीज़ को गला देती है अभावों मेंबढ़ जाती है पाचन शक्तिसंपन्नता अपने साथपाचन की गोलियाँ लेकर आती है

  • DROPS : बूँदें
    DROPS : बूँदें

    आसमान में रहने वाली बूँदों से लेकर आँखों में रहने वाली बूँदों तक.. सबको इस एक पोस्ट में लयबद्ध किया है.. इन पंक्तियों की बारिश में आप थोड़ी देर भीग सकते हैं..

  • Explorer : खोजी यात्री
    Explorer : खोजी यात्री

    क्या किसी शिखर पर घर बन सकता है ?.. थोड़ा सोचा इस पर तो लगा कि अस्तित्व की ऊँची नोक पर खेल का मैदान तो नहीं हो सकता.. उस नोक पर कोई आराम कुर्सी नहीं हो सकती… वहां पहुँचकर विचार.. एक पैर के बल पर खड़ा तो रह सकता है.. पर विस्तार नहीं ले सकता… […]

  • Point : बिंदु
    Point : बिंदु

    जो लोग इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहते हैं.. वो दिन भर इंसान के भाग्य पर आश्चर्य करते होंगे कि रहने के लिए ऐसा.. नीले कंचे जैसा.. ग्रह मिला है.. और उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती होगी कि कोई खुद को कितना भी बड़ा समझे.. है तो वो एक बिंदु ही… बल्कि ये पूरा ग्रह ही एक बिंदु है.. सौरमंडल, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड के विस्तार में।

  • Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी
    Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी

    ‪समय के साथ चीज़ें स्पष्ट होती जाती हैं ‬‪ये प्लूटो की तस्वीरें हैं जिनमें 85 साल का अंतर है ‬‪पहली तस्वीर 1930 की है‬‪अंतिम तस्वीर 2015 की है‬‪यही सूत्र जीवन का भी है‬‪लोग, चरित्र, कर्म, फल… सबकी कसौटी समय है‬‪समय हर व्याधि/खूबी को दिखा देता है‬‪हर भ्रम की उम्र समय के रहमोकरम पर है‬

  • Effort : प्रयास
    Effort : प्रयास

    हर प्रयास की एक उम्र होती है.. फिर उसकी प्रासंगिकता खोई हुई सी लगती है.. सच ये है कि सारे प्रयास हमेशा जीवित नहीं रह सकते.. उन्हें काल खंड की कँटीली तारों को पार करने की इजाज़त नहीं होती.. प्रयासों को अमरत्व का वरदान नहीं होता… अगर सारे प्रयास.. सदा के लिए जीवित रहने लगें.. तो शायद उनकी हैसियत खत्म हो जाएगी.. हालाँकि हमारे यहां कहते हैं कि कोई प्रयास बेकार नहीं जाता… इसलिए आपकी हर कोशिश की ख़ुशबू आ जाती है और दूर खड़ा कोई अनजान व्यक्ति भी आपको पहचान लेता है… प्रयास की नदी.. पहचान वाले समुद्र में ही मिलती है