• The Joker Test of Truth 🤡 सत्य का जोकर संस्करण
    The Joker Test of Truth 🤡 सत्य का जोकर संस्करण

    आश्चर्य है कि हाहाकार के बीच विज्ञापन, बैठकों में विमर्श और मॉरल साइंस से इलाज संभव है !! वैसे पॉज़िटिव रहने से बगल में पड़ी लाशें दिखती हैं या नहीं इस पर रिसर्च जारी है.. लेकिन इतना तय है कि सकारात्मकता और मर्यादा की फैक्ट्रियों में गज़ब उत्पादन चल रहा है!

  • 02 (Oxygen) : अपनेपन की प्राणवायु
    02 (Oxygen) : अपनेपन की प्राणवायु

    किसी अपने को एक एक सांस के लिए तरसते देखकर… सारे कीर्तिमान… लड़ाई-झगड़े… व्यर्थ नज़र आते हैं… इस वक्त मृत्यु का बोध.. ये बता रहा है.. कि आसपास हर ज़िंदा कृति को.. अपनेपन की ऑक्सीजन की ज़रूरत है.. उन्हें ये ऑक्सीजन देते चलिए…

  • भारतीय नवसंवत्सर की दुर्लभ परंपरा 🇮🇳 🙏 क़र्ज़ मुक्ति का प्रमाण देने वाले कैलेंडर
    भारतीय नवसंवत्सर की दुर्लभ परंपरा  🇮🇳 🙏  क़र्ज़ मुक्ति का प्रमाण देने वाले कैलेंडर

    विक्रम संवत 2078 आज से शुरू हुआ है… ये सामान्य (ग्रेगोरियन) कैलेंडर से करीब 57 साल आगे चलता है विक्रम या कोई भी संवत्सर जब सामने आते हैं तो मेरी इच्छा होती है  कि आपसे शेयर करू कि संवत्सर चलाने का हक़ किसे था

  • Recipe of Blood & Data : खून और आँकड़ों की ‘पाकविधि’
    Recipe of Blood & Data : खून और आँकड़ों की ‘पाकविधि’

    दवाओं और राजव्यवस्थाओं की मारक क्षमता छुपाने से लेकर विज्ञान और डर के नये नये बाज़ार बनाने तक, आंकड़ों का सामाजिक महाप्रयोग चल रहा है। आंकड़ों की बैसाखी दुनिया भर के लोगों को थमा दी गई है। और जिसके हाथ में बैसाखी हो, वो नारे नहीं लगा सकता, आवाज़ नहीं उठा सकता, आंकड़ों पर लगा ख़ून साफ़ नहीं कर सकता।

  • आपके फ़ोन से कितना डेटा जाता है Google/Apple के पास?
    आपके फ़ोन से कितना डेटा जाता है Google/Apple के पास?

    फोन स्टार्ट होता है.. और शुरुआत के 10 मिनट में.. इतना डेटा जाता है.. Apple और Google के पास.. हर 4.5 मिनट में इन कंपनियों को डेटा की भूख लगती है

  • Colors Forever : आज रंग है.. कल भी.. उसके बाद भी..
    Colors Forever : आज रंग है.. कल भी.. उसके बाद भी..

    कोरोना काल में हम दूर तो हो सकते हैं लेकिन रंग विहीन नहीं हो सकते।

  • The Virus YearBook : वायरस वार्षिकी
    The Virus YearBook : वायरस वार्षिकी

    एक साल पहले का समय याद कर लीजिए.. कोरोनावायरस तब नया डर बनकर आया था.. थोड़े दिन गुज़रे तो डर पुराना हो गया.. आदत बन गया.. फिर बेफ़िक्री आई और अब डर का सालाना Subscription Renew हो गया है। वैक्सीन के प्रति आशंकित लोगों के सामने कोरोनावायरस, एक नया डर बनकर हाज़िर है… ऐसे में वायरस वार्षिकी आपसे शेयर कर रहा हूँ।

  • रोशनी देने वाला लेटरबॉक्स 📮
    रोशनी देने वाला लेटरबॉक्स 📮

    एक लेटरबॉक्स का पेटेंट.. उसमें चिट्ठी डालने की व्यवस्था थी.. और उससे रोशनी निकलने की व्यवस्था थी.. एक ऐसा लैंप पोस्ट जो रोशनी देता था और आसपास गुज़रते लोगों को याद दिलाता था कि उन्हें किसी को याद करते हुए कुछ लिखकर भेजना चाहिए..

  • You’re an Artist : आप.. सृष्टि के रचयिता
    You’re an Artist : आप.. सृष्टि के रचयिता

    जगह जगह से सड़ती-गलती दुनिया को रहने लायक बना देते हैं.. आप सब आर्टिस्ट हैं.. सृष्टि के रचयिता…

  • Universe in a Post❤️Card : पोस्टकार्ड में ब्रह्मांड
    Universe in a Post❤️Card : पोस्टकार्ड में ब्रह्मांड

    प्रेम में एकांत का अनंत विस्तार होता है… दो प्रेमियों की दूरी मैंने एक पोस्टकार्ड में नापी है!

  • ख़ुद को एक फूल दिया है
    ख़ुद को एक फूल दिया है

    75 सेकेंड्स के इस वीडियो में फूलों की कई पंखुरियों के साथ उम्मीद भी मौजूद है.. वही उम्मीद जो कुछ भी नया शुरू करते हुए हमारे अंदर होती है

  • बादल 🌤 धूप के बीच ‘कुछ ❤️’ चल रहा है.. !
    बादल 🌤  धूप के बीच ‘कुछ ❤️’ चल रहा है.. !

    बादल और धूप की अठखेलियों का मौसम.. और उससे उपजा एक प्रेम संवाद

  • बधाइयों की बर्फ़बारी.. प्रसन्नता के बिजलीघर
    बधाइयों की बर्फ़बारी.. प्रसन्नता के बिजलीघर

    हर साल एक जनवरी आ ही नहीं पाती… क्योंकि इस तारीख़ पर बधाइयों की बर्फ़बारी होती हैकई बार बहुत ख़ुशनुमा … कई बार बर्फ़ सी ठंडी… कई दफ़ा निरर्थक.. और सूखी बधाइयाँ आती हैंऔर बहुत सारी शुभकामनाएँ ऐसी भी होती हैं..जिनसे बोरियत के छिलके उतारने पड़ते हैं…तब जाकर उनसे.. संदेश भेजने वाले के भाव की […]

  • Journey : यात्रा
    Journey : यात्रा

    सीढ़ी अफ़सोस नहीं करती.. सीढ़ी अनंत यात्राएँ करती है.. ऊपर से गुज़रते हर कदम के साथ !

  • The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा
    The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

    आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. और ये बात इंसान को हमेशा आँखों की नक़ल बनाने के लिए प्रेरित करती रही। कैमरे का आविष्कार इसी का नतीजा है। शुरुआत में छवियाँ […]

  • बेदाग़ बड़े.. और सच्चे बच्चे
    बेदाग़ बड़े.. और सच्चे बच्चे

    जो धूल.. कीचड़ में सने हैं.. प्रेम और एसिड से जले हैं.. जिन पर जीवन के निशान पड़े हैं.. जो दौड़ते भागते बच्चे हैं.. वही लगते सच्चे हैं

  • Garden of Sorrows : दुख उसका श्रृंगार थे
    Garden of Sorrows : दुख उसका श्रृंगार थे

    दिन भर के दुख उसका श्रृंगार थे.. कभी हाथों में कंगन की तरह पहनती… कभी गले में उजले हार की तरह !

  • मन का स्मार्ट स्पीकर
    मन का स्मार्ट स्पीकर

    “हे मनुष्य” “ओके मनुष्य” “थम जा मनुष्य.. आगे खाई है” ऐसे ही किसी जागृत कर देने वाले वाक्य से मन का स्मार्ट स्पीकर एक्टिव हो गया.. उसने माहौल को जज़्ब किया.. और फिर.. एक-एक करके कुछ बातें कहीं.. इन बातों में जो पात्र हैं.. वो काल्पनिक नहीं हैं… वो सब आपके आसपास ही मौजूद हैं […]

  • Interspace : दूरी
    Interspace : दूरी

    इस कविता का जो केंद्रीय पात्र है.. वो आपकी ही तरह तैरता है हर रोज़, समय के सागर में… जहां ऊँची, तूफ़ानी लहरें आती हैं.. वहां घड़ी की सुइयों के सहारे हो जाता है.. और लहर के ढहते ही.. फिर तैरता है दम लगाकर… चीरता चला जाता है पानी को.. जीवित दिखने वाली निर्जीव वस्तुओं […]