AirTalks … Breathing Thoughts !

The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. … Continue reading The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

आपदा, महामारी, संक्रमण के असर.. अजीब होते हैं.. जैसे कोई व्यंजन बन रहा हो.. और उसे बनाने की रेसिपी में लिखा हो… “समाज के छिलके-कूड़ा-करकट माने जाने वाले गरीब-भूखे-मजबूर-बेरोज़गार पहले … Continue reading Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

जब उसने कहा — New York City एक खूबसूरत बीमारी है

Jazz संगीत के रूमानी वातावरण में प्रेयसी गुनगुनाती है.. अपनी आवाज़ से प्रेम की लकीरें खींचकर रात को सुबह के छोर तक ले जाती है.. और टूटते संबंधों पर गाते हुए कहती है.. न्यूयॉर्क सिटी.. एक ख़ूबसूरत बीमारी है।

‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

कोरोना वायरस पर रिसर्च करते हुए पिछले दिनों 3 रिसर्च पेपर पढ़े इनमें से एक नेचर मेडिसिन में छपा है… और दूसरा रिसर्च पेपर थोड़ा पुराना है.. उसे केंब्रिज जर्नल्स … Continue reading ‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

शब्दशोध : जाहिल, कुत्सित

दो शब्द हैं जाहिल कुत्सित इनके मूल अर्थ और उद्गम को जाने बिना इनका काफी प्रयोग होता है… इसलिए इसे समझ लेना चाहिए जाहिल शब्द अरबी के शब्द जाहिलिया से … Continue reading शब्दशोध : जाहिल, कुत्सित

Lockdown Duration : भारत को कितने दिन के लॉकडाउन की ज़रूरत है ?

‪प्रवासी मज़दूरों के पलायन की तस्वीरें सबको दुख दे रही हैं, पर ये लॉकडाउन 21 दिन में ख़त्म होता नहीं दिखता‬। ‪भारत को कम से कम 49 दिन के लॉकडाउन … Continue reading Lockdown Duration : भारत को कितने दिन के लॉकडाउन की ज़रूरत है ?

कोरोना वायरस 🦠 ने दुनिया 🌏 का RESET बटन 🖲 दबा दिया

दुनिया की सारी सेटिंग्स अब बदल गई हैं। एक लाइलाज वायरस ने दुनिया को अपने तौर तरीके बदलने पर मजबूर कर दिया है। कोरोना वायरस से दुनिया की आदतें कैसे … Continue reading कोरोना वायरस 🦠 ने दुनिया 🌏 का RESET बटन 🖲 दबा दिया

कोरोना 🦠 वाले 2020 में 1918 वाला सबक़

फ़िलहाल भारत में जो स्थिति है उसे सुलझाने के लिएPanic करने की ज़रूरत नहीं है..परंतु लापरवाह होकर Picnic करने की भी ज़रूरत नहीं हैये सावधान रहने और इतिहास से सबक़ … Continue reading कोरोना 🦠 वाले 2020 में 1918 वाला सबक़

Janta Curfew Notes : वायरस vs गरीब/ज़रूरतमंद

‪वायरस और व्यवस्था 🦠 ग़रीबों/ज़रूरतमंदों को चारों तरफ से घेर लेते हैं‬ ‪#ग़रीबीवायरस #Corona से भी भयंकर है ‪छोटी झुग्गी में अपने बड़े परिवार के साथ सटकर रहने वाले लोग‬ … Continue reading Janta Curfew Notes : वायरस vs गरीब/ज़रूरतमंद

Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

हिंसा में आंसू तो होते हैं.. पर कई बार गहरा कटाक्ष भी होता है.. संताप होता है और क्रूरता का समारोह भी होता है.. हिंसा के तीन दिवसीय आयोजन के … Continue reading Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

अपनी ही विरासत में पिता का आना देखा.. गाना देखा

मेरे पिता अब सत्तर वर्ष के हो रहे हैं.. लेकिन उनका कंठ आधी उम्र का है.. सबूत माँगना फ़ैशन में है.. तो इस बात का सबूत वीडियो के रूप में … Continue reading अपनी ही विरासत में पिता का आना देखा.. गाना देखा

The Hum-सफ़र Project

जिस तरह LED यानी Light Emitting Diode से रोशनी निकलती है.. उसी तरह प्रेम को संसार में प्रक्षेपित करने वाला कोई Love Emitting Diode भी होता होगा जो इंसानों के अंदर फिट रहता है। दोनों में फर्क है.. एक से रोशनी निकलती है और दूसरे से मोहब्बत। जब किसी इंसान से प्रेम और करुणा का ज़रा सा भी प्रक्षेपण न हो.. तो समझ लीजिए कि उसका Love Emitting Diode.. क्रोध और घृणा के अतिरिक्त वोल्टेज से फुक गया है। और इसे ठीक करने.. क्रियान्वित करने का नाम है.. The Hum-Safar Project..

क्या नेहरू.. सरदार पटेल को कैबिनेट से बाहर रखना चाहते थे?

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने नारायणी बासु द्वारा लिखी गई वी पी मेनन की जीवनी का विमोचन करते हुए ये कहा और ट्वीट किया “ Learnt from the book that … Continue reading क्या नेहरू.. सरदार पटेल को कैबिनेट से बाहर रखना चाहते थे?

Freebie Notes : चुनाव में मुफ़्त वाले माल की राजनीति पर कुछ नोट्स

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद लगातार ये बात ट्रेंड कर रही है कि मुफ़्त के माल ने केजरीवाल को जीत दिला दी। वैसे ये … Continue reading Freebie Notes : चुनाव में मुफ़्त वाले माल की राजनीति पर कुछ नोट्स

Intoxication : ज़हर लिखा है.. खूब बिका है

ज़हर आजकल चलन में है, बिक रहा है.. और सफल होने का सिद्ध फ़ॉर्मूला भी है। अगर आप ज़हर उगलते हैं, ज़हर लिखते हैं, ज़हर के व्यापारी हैं, ज़हर को चटपटे फ़्लेवर में बेचने वाले दबंग दुकानदार हैं.. तो लोग आपको पहचानने लगेंगे..

जोगेंद्र नाथ मंडल : पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों वाला गुमनाम अध्याय

तारीख़ – 6 फ़रवरी 2020 : नागरिकता संशोधन कानून पर अपने तर्क देते हुए प्रधानमंत्री ने संसद में जोगेंद्र नाथ मंडल का नाम लिया… जो कि एक बड़े दलित नेता … Continue reading जोगेंद्र नाथ मंडल : पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों वाला गुमनाम अध्याय

Spring Saraswati : वो मौसम जो खुद वाग्देवी सरस्वती ने लिखा

आसमान ने हीरे की अंगूठी पहनी है दिलों की बर्फ़ पिघल रही है जमी हुई चेतना पंख फड़फड़ा रही है हर कोई ठंडे घरों से बाहर निकलना या झाँकना चाहता … Continue reading Spring Saraswati : वो मौसम जो खुद वाग्देवी सरस्वती ने लिखा

Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

गणतंत्र को देखने के कई तरीक़े हैं.. कई लेंस हैं.. कई फ़िल्टर हैं.. 1950 में गणतंत्र दिवस कैसे मनाया गया था ? इस संदर्भ में British Pathe का पौने चार … Continue reading Poetic Parade : गणतंत्र दिवस की काव्य परेड

selective focus photo of yellow sunflower

Sunflowers : सौर किरणों के शक्ति पुष्प

रविवार को सूर्य से ऐसी किरणें निकलती हैं जो आपको आलसी…बहुत आलसी बना देती हैं। ये वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, ये रविवार को सूर्य और छुट्टी का दिन मानने के फलस्वरूप उपजा अनुभव है।
ये सूर्य की सुनहरी लकीरों का गणित है
जिसे सिर्फ मैं और तुम समझते हैं

वो डॉन जिसकी छड़ी से डरता था मुंबई शहर !

इंदिरा गांधी के साथ करीम लाला की मुलाक़ात को लेकर विवाद हो गया तो अध्ययन शुरू किया। और इस दौरान करीम लाला के बारे में जो पढ़ा वो शेयर कर … Continue reading वो डॉन जिसकी छड़ी से डरता था मुंबई शहर !

Khichdi Notes : खिचड़ी वाले पारंपरिक नोट्स

खिचड़ी का कूटनीतिक महत्व खिचड़ी का महत्व सिर्फ स्वाद के क्षेत्र में नहीं है.. इसके कूटनीतिक महत्व का ज़िक्र भी कई ग्रंथों में मिलता है। चाणक्य और चंद्रगुप्त ने मगध … Continue reading Khichdi Notes : खिचड़ी वाले पारंपरिक नोट्स

Theatrics of Knowledge 🎭 ज्ञान का अभिनय

जहां अभिनय है, वहां ज्ञान सिर्फ़ एक दर्शक बनकर.. बस थोड़ी देर के लिए बैठ सकता है!
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जब शहर में आग लगी हुई थी..
वो चुप था..
उसकी अंतरात्मा पर बीस सेंटीमीटर की बर्फ़ गिरी हुई थी

Chai-चरित्र ☕️ (a Tea-nalysis)… एक चाय हो जाए !

चाय की प्यालियों के बीच वक़्त कैसे उधड़ता है.. चाय के घूँट इंसान को कैसे सहलाते हैं.. आज़ादी दिलाने वाले सवालों से चाय पर मुलाक़ात कैसे होती है ?… जब अंगारे आराम फ़रमाते हैं तो चाय पिलाना कैसे चाटुकारिता और जी हुज़ूरी बन जाता है.. और चाय में एक चम्मच चीनी घोलते हुए.. किस तरह का अध्यात्म दिखाई देता है ? …Read more…

Mind Games of Ravana : मन में रावण पार्टी कर रहा है !

इस दौर में रावण देखने के लिए कहीं बाहर जाने की ज़रूरत नहीं है, रावण आपके आसपास है, हो सकता है आपके मन के अंदर भी कोई रावण, पार्टी कर रहा हो ! उसके अट्टहास को सुनिए.. वो कहेगा कि ‘पार्टी यूँ ही चालेगी’.. लेकिन आप उसके घमंड का समारोह जब चाहे बंद कर सकते हैं। रावण के सॉफ्टवेयर में त्रुटियां हैं और इन त्रुटियों को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट की ज़रूरत है.. यानी राम और रावण के बीच सिर्फ एक सॉफ्टवेयर अपडेट का फर्क है !

Gandhi Ji… Smile OK Please: कैसे मुस्कुराएँगे गांधी जी ?

करेंसी नोट पर गांधी जी हंस रहे हैं.. क्योंकि सबसे ज़्यादा पैसा डिफेंस/हथियारों पर खर्च हो रहा है

भाषणों में गांधी जी की अहिंसा ट्रेंड करती है जबकि हुक्मरानों की नीतियां किसी न किसी हिंसा को जन्म देती हैं

अहिंसा के पुजारी की जयंती पर लगभग सारे टीवी डिबेट्स के नाम हिंसक हैं / हिंसा से परोक्ष रूप से जुड़े हैं….. read more

Windows of SidTree : खिड़कियाँ (दृश्य – 1)

नगर वधू ने पूछा – तुम्हारी क्या ख़ासियत है ?
और प्रश्न ध्वनि चल पड़ी.. उत्तर की प्रतिध्वनि से मिलने को
सिद्धार्थ ने संतुष्टि की मुस्कान और ओस भरी आँखों को उद्दीप्त करके
कहा…

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Mahabharat Diary : महाभारत के नन्हे-मुन्ने विश्लेषण (क्रमांक 1, 2, 3)

शीर्षक पढ़कर ये बात मन में आई होगी कि महाभारत के नन्हे मुन्ने विश्लेषण का अर्थ क्या है ? नन्हे =आकार में छोटे,  मुन्ने =बच्चे के भाव से सिखाने वाले यानी … Continue reading Mahabharat Diary : महाभारत के नन्हे-मुन्ने विश्लेषण (क्रमांक 1, 2, 3)

विष-अमृत : Poison Defeated !

ये Poison की पराजय का उद्घोष है संसार में विष घोलने वालों को मेरी तरफ से ढेर सारा अमृत, बचपन में हम विष अमृत बहुत खेलते थे। तब विष को … Continue reading विष-अमृत : Poison Defeated !

मेरे दोस्त, मेरा अंधेरा पी गये : 7 Dimensions of Friendship

मुठ्ठी खोलते ही दोस्ती की सल्तनत शुरू हो जाती है। दोस्ती में अदृश्य सिहरन है, उपासना है, रोशनी की लकीर है, किसी का बोझ उठाने वाली ताकत है, राज़ को रखने वाली तिजोरी है, और वो अंधेरा भी जिसमें सारी महत्वाकांक्षाएं, स्वार्थ और आत्मा पर चिपके कालिख के कण धुल जाते हैं…….

Face ID : चेहरा है, मुखौटा है, मोह-माया है, खोया-पाया है !

हर चेहरे में वक़्त के ताबूत दफ़्न होते हैं। अंग्रेज़ी में कहूँ तो – Your Face Buries, Coffins of Time ! इस विचार से एक रेखाचित्र और दो कविताओं की … Continue reading Face ID : चेहरा है, मुखौटा है, मोह-माया है, खोया-पाया है !

Sorrows of Strangers : पराये दुख भी शक्ति देते हैं

Core Thought / मूल विचार – Harnessing Energy from sorrows.. यानी अपने और पराये दुखों को कच्चे माल की तरह इस्तेमाल करके अपने लिए ऊर्जा बनाना। ये दो कविताएं और … Continue reading Sorrows of Strangers : पराये दुख भी शक्ति देते हैं

What if Buddha wears 🎧 Headphones ? ⏯ अगर बुद्ध हेडफ़ोन पहन लें तो क्या होगा ?

इसका एक ही जवाब है – घर और दुनिया का बोध हो जाएगा। राजकुमार सिद्धार्थ ने कपिलवस्तु में ही अदृश्य हेडफ़ोन पहन लिए थे, और फिर उन्होंने हर ग़ैर-ज़रूरी और … Continue reading What if Buddha wears 🎧 Headphones ? ⏯ अगर बुद्ध हेडफ़ोन पहन लें तो क्या होगा ?

Angry vs Hanuman : ‘उग्र-हनुमान’ वाला दुष्प्रचार !

हमारे ग्रंथों में हनुमान जी को बल-बुद्धि-विद्या-विवेक का प्रतीक माना गया है। लेकिन वो कभी क्रोध के अधीन नहीं होते। वो वानर की तरह हंसते खेलते, सामान्य शरारत करते हुए ही अपने बल का प्रयोग कर लेते हैं। उनका बल प्रयोग भी शत्रु के प्रति हास्य-व्यंग्य और लीलाओं से भरा हुआ है। किसी भी परिस्थिति में वो ये नहीं भूलते कि वो राम के सेवक हैं। और भगवान का सेवक होने का भाव उनमें क्रोध और घमंड नहीं आने देता।

1 गुणा 3 : कामवाली की भावनाओं का गणित

एक बार नहीं तीन बार !! अगर आपसे कोई ये कहे कि आपको एक ही काम, एक ही विधि और एक जैसी भावना से, हर रोज़ कम से कम तीन … Continue reading 1 गुणा 3 : कामवाली की भावनाओं का गणित

कामकाजी कविताएं : Poems from the Workplace

ये कविताएं, कामकाज और नौकरियों से निकली हैं, इसलिए इन्हें कामकाजी कविताओं की संज्ञा दी है। जिस कामकाज की मैं बात कर रहा हूं उसकी भूमिका बचपन से ही बननी … Continue reading कामकाजी कविताएं : Poems from the Workplace

zZZZ 😴 : निद्रा सुख

नींद का सुख हर किसी को नहीं मिलता। दिन में कई बार सोने और जागने के बीच की अवस्था में रहते हैं, हम लोग। इस सोने और जागने के बीच … Continue reading zZZZ 😴 : निद्रा सुख

Touch Screen : उँगलियों को सुन्न करने वाला काँच

क्या मैं आपका चेहरा छूकर देख सकती हूँ ? एक नेत्रहीन लड़की को एक मशहूर आदमी से ये सवाल पूछते हुए देखा, और उसी पल मन में आया कि छूकर … Continue reading Touch Screen : उँगलियों को सुन्न करने वाला काँच

प्रश्न❓Poetry : प्रश्नों को प्रक्षेपित करने वाला एक विचार और 10 कविताएँ

प्रश्नों का चरित्र भी अजीब होता है, वो तभी आते हैं जब आप थोड़ा धीमे हो जाते हैं, थोड़ा सा ठहर जाते हैं। इस दौर में ठहराव को मृत्यु के … Continue reading प्रश्न❓Poetry : प्रश्नों को प्रक्षेपित करने वाला एक विचार और 10 कविताएँ

Right to Equality : बराबरी का अधिकार

कविवार में अबकी बार, बराबरी का अधिकार। एक बात बताइये..क्या स्त्री और पुरुष..गुणों की किसी भी एक कसौटी पर बराबर हो सकते हैं? इसका जवाब है नहीं, ऐसा कभी नहीं … Continue reading Right to Equality : बराबरी का अधिकार