Observatory of Life around Us

चीन कम्यूनिस्ट पार्टी के 100 साल 🇨🇳 अलोकतांत्रिक शासन के एक्सपर्ट 🐍

बिना जनादेश 72 साल शासन चलाने वाली दुनिया की सबसे सफल अलोकतांत्रिक/तानाशाही सत्ता

The Joker Test of Truth 🤡 सत्य का जोकर संस्करण

आश्चर्य है कि हाहाकार के बीच विज्ञापन, बैठकों में विमर्श और मॉरल साइंस से इलाज संभव है !!
वैसे पॉज़िटिव रहने से बगल में पड़ी लाशें दिखती हैं या नहीं इस पर रिसर्च जारी है..
लेकिन इतना तय है कि सकारात्मकता और मर्यादा की फैक्ट्रियों में गज़ब उत्पादन चल रहा है!

भारतीय नवसंवत्सर की दुर्लभ परंपरा 🇮🇳 🙏 क़र्ज़ मुक्ति का प्रमाण देने वाले कैलेंडर

विक्रम संवत 2078 आज से शुरू हुआ है… ये सामान्य (ग्रेगोरियन) कैलेंडर से करीब 57 साल आगे चलता है
विक्रम या कोई भी संवत्सर जब सामने आते हैं तो मेरी इच्छा होती है 
कि आपसे शेयर करू कि संवत्सर चलाने का हक़ किसे था

Recipe of Blood & Data : खून और आँकड़ों की ‘पाकविधि’

दवाओं और राजव्यवस्थाओं की मारक क्षमता छुपाने से लेकर विज्ञान और डर के नये नये बाज़ार बनाने तक, आंकड़ों का सामाजिक महाप्रयोग चल रहा है। आंकड़ों की बैसाखी दुनिया भर के लोगों को थमा दी गई है। और जिसके हाथ में बैसाखी हो, वो नारे नहीं लगा सकता, आवाज़ नहीं उठा सकता, आंकड़ों पर लगा ख़ून साफ़ नहीं कर सकता।

photo of black smartphone on black surface

आपके फ़ोन से कितना डेटा जाता है Google/Apple के पास?

फोन स्टार्ट होता है.. और शुरुआत के 10 मिनट में.. इतना डेटा जाता है.. Apple और Google के पास.. हर 4.5 मिनट में इन कंपनियों को डेटा की भूख लगती है

The Virus YearBook : वायरस वार्षिकी

एक साल पहले का समय याद कर लीजिए.. कोरोनावायरस तब नया डर बनकर आया था.. थोड़े दिन गुज़रे तो डर पुराना हो गया.. आदत बन गया.. फिर बेफ़िक्री आई और अब डर का सालाना Subscription Renew हो गया है। वैक्सीन के प्रति आशंकित लोगों के सामने कोरोनावायरस, एक नया डर बनकर हाज़िर है… ऐसे में वायरस वार्षिकी आपसे शेयर कर रहा हूँ।

रोशनी देने वाला लेटरबॉक्स 📮

एक लेटरबॉक्स का पेटेंट.. उसमें चिट्ठी डालने की व्यवस्था थी.. और उससे रोशनी निकलने की व्यवस्था थी.. एक ऐसा लैंप पोस्ट जो रोशनी देता था और आसपास गुज़रते लोगों को याद दिलाता था कि उन्हें किसी को याद करते हुए कुछ लिखकर भेजना चाहिए..

The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

आंख का कोई विकल्प नहीं था मनुष्य के पास… देखने की शक्ति और जो देखा उसे निचोड़कर दिमाग की मदद से दृष्टिकोण बनाने की अद्भुत शक्ति आँखों में ही है.. … Continue reading The Camera Project : सत्य, नज़रिया और कैमरा

Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी

‪समय के साथ चीज़ें स्पष्ट होती जाती हैं ‬‪ये प्लूटो की तस्वीरें हैं जिनमें 85 साल का अंतर है ‬‪पहली तस्वीर 1930 की है‬‪अंतिम तस्वीर 2015 की है‬‪यही सूत्र जीवन … Continue reading Pluto की तस्वीरें और समय की कसौटी

Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

आपदा, महामारी, संक्रमण के असर.. अजीब होते हैं.. जैसे कोई व्यंजन बन रहा हो.. और उसे बनाने की रेसिपी में लिखा हो… “समाज के छिलके-कूड़ा-करकट माने जाने वाले गरीब-भूखे-मजबूर-बेरोज़गार पहले … Continue reading Wireless एकांत में हम-तुम कैसे है ?

जब उसने कहा — New York City एक खूबसूरत बीमारी है

Jazz संगीत के रूमानी वातावरण में प्रेयसी गुनगुनाती है.. अपनी आवाज़ से प्रेम की लकीरें खींचकर रात को सुबह के छोर तक ले जाती है.. और टूटते संबंधों पर गाते हुए कहती है.. न्यूयॉर्क सिटी.. एक ख़ूबसूरत बीमारी है।

‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

कोरोना वायरस पर रिसर्च करते हुए पिछले दिनों 3 रिसर्च पेपर पढ़े इनमें से एक नेचर मेडिसिन में छपा है… और दूसरा रिसर्च पेपर थोड़ा पुराना है.. उसे केंब्रिज जर्नल्स … Continue reading ‘संकटमोचक Mask’ पर 3 रिसर्च पेपर

शब्दशोध : जाहिल, कुत्सित

दो शब्द हैं जाहिल कुत्सित इनके मूल अर्थ और उद्गम को जाने बिना इनका काफी प्रयोग होता है… इसलिए इसे समझ लेना चाहिए जाहिल शब्द अरबी के शब्द जाहिलिया से … Continue reading शब्दशोध : जाहिल, कुत्सित

Lockdown Duration : भारत को कितने दिन के लॉकडाउन की ज़रूरत है ?

‪प्रवासी मज़दूरों के पलायन की तस्वीरें सबको दुख दे रही हैं, पर ये लॉकडाउन 21 दिन में ख़त्म होता नहीं दिखता‬। ‪भारत को कम से कम 49 दिन के लॉकडाउन … Continue reading Lockdown Duration : भारत को कितने दिन के लॉकडाउन की ज़रूरत है ?

कोरोना वायरस 🦠 ने दुनिया 🌏 का RESET बटन 🖲 दबा दिया

दुनिया की सारी सेटिंग्स अब बदल गई हैं। एक लाइलाज वायरस ने दुनिया को अपने तौर तरीके बदलने पर मजबूर कर दिया है। कोरोना वायरस से दुनिया की आदतें कैसे … Continue reading कोरोना वायरस 🦠 ने दुनिया 🌏 का RESET बटन 🖲 दबा दिया

कोरोना 🦠 वाले 2020 में 1918 वाला सबक़

फ़िलहाल भारत में जो स्थिति है उसे सुलझाने के लिएPanic करने की ज़रूरत नहीं है..परंतु लापरवाह होकर Picnic करने की भी ज़रूरत नहीं हैये सावधान रहने और इतिहास से सबक़ … Continue reading कोरोना 🦠 वाले 2020 में 1918 वाला सबक़

Janta Curfew Notes : वायरस vs गरीब/ज़रूरतमंद

‪वायरस और व्यवस्था 🦠 ग़रीबों/ज़रूरतमंदों को चारों तरफ से घेर लेते हैं‬ ‪#ग़रीबीवायरस #Corona से भी भयंकर है ‪छोटी झुग्गी में अपने बड़े परिवार के साथ सटकर रहने वाले लोग‬ … Continue reading Janta Curfew Notes : वायरस vs गरीब/ज़रूरतमंद

Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

हिंसा में आंसू तो होते हैं.. पर कई बार गहरा कटाक्ष भी होता है.. संताप होता है और क्रूरता का समारोह भी होता है.. हिंसा के तीन दिवसीय आयोजन के … Continue reading Half Burnt Notebook : आधी जली हुई नोटबुक

अपनी ही विरासत में पिता का आना देखा.. गाना देखा

मेरे पिता अब सत्तर वर्ष के हो रहे हैं.. लेकिन उनका कंठ आधी उम्र का है.. सबूत माँगना फ़ैशन में है.. तो इस बात का सबूत वीडियो के रूप में … Continue reading अपनी ही विरासत में पिता का आना देखा.. गाना देखा

The Hum-सफ़र Project

जिस तरह LED यानी Light Emitting Diode से रोशनी निकलती है.. उसी तरह प्रेम को संसार में प्रक्षेपित करने वाला कोई Love Emitting Diode भी होता होगा जो इंसानों के अंदर फिट रहता है। दोनों में फर्क है.. एक से रोशनी निकलती है और दूसरे से मोहब्बत। जब किसी इंसान से प्रेम और करुणा का ज़रा सा भी प्रक्षेपण न हो.. तो समझ लीजिए कि उसका Love Emitting Diode.. क्रोध और घृणा के अतिरिक्त वोल्टेज से फुक गया है। और इसे ठीक करने.. क्रियान्वित करने का नाम है.. The Hum-Safar Project..

क्या नेहरू.. सरदार पटेल को कैबिनेट से बाहर रखना चाहते थे?

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने नारायणी बासु द्वारा लिखी गई वी पी मेनन की जीवनी का विमोचन करते हुए ये कहा और ट्वीट किया “ Learnt from the book that … Continue reading क्या नेहरू.. सरदार पटेल को कैबिनेट से बाहर रखना चाहते थे?

Freebie Notes : चुनाव में मुफ़्त वाले माल की राजनीति पर कुछ नोट्स

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद लगातार ये बात ट्रेंड कर रही है कि मुफ़्त के माल ने केजरीवाल को जीत दिला दी। वैसे ये … Continue reading Freebie Notes : चुनाव में मुफ़्त वाले माल की राजनीति पर कुछ नोट्स