Last Gift 🔥 अंतिम उपहार

आसपास लोग बुझ रहे हों.. 
तो बढ़ जाती है रोशनी की ज़िम्मेदारी

जो गया है तुम्हारे बग़ल से अचानक उठकर
वो जेब में तुम्हारी.. एक माचिस रख गया है

हड़बड़ाना नहीं..

लकड़ी की नोक पर
स्याही की तरह लिपटा हुआ बारूद..
वो तोहफ़ा है, जो अंधेरे के काले पन्ने पर.. 
तुम्हें उजली लकीरें खींचने का मौका देगा

कोई मित्र.. या कोई और जिसे तुम अपना कह सको
अधिकतम यही कर सकता है

© Siddharth Tripathi ✍️ SidTree

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