ख़ुद को एक फूल दिया है

फूल भले ही सूख जाएँ, लेकिन खुद को फूल 🌹 देने की घटना कभी नहीं सूखती। ये वीडियो कविता सिर्फ़ 75 सेकेंड की है.. इन 75 सेकेंड्स में फूलों की कई पंखुरियों के साथ मेरी उम्मीद भी मौजूद है। हिंदी और अंग्रेज़ी संस्करण दोनों हैं। इसे लिखा 2009 में था.. लेकिन इसका वीडियो आज 2021 में बन पाया.. हालाँकि संगीत वर्ष 2011 में ही कंपोज़ कर लिया था। मुझे लगता है कि ये वीडियो आपके अंदर उम्मीद को एक बीज की तरह बो देगा। इस कविता को नई शुरुआत का बीज मानकर ही लिखा था.. आज भी इसमें वही भाव है।

आज मैने खुद को एक फूल दिया है
जो टूटा था… बिखरा था… 
जोड़ा है… जिया है
जिस्म का पैरहन, सलवटें वक़्त की 
मन के कदमों पर बेड़ियां सख़्त सी
पिंजरों में पलती क़ौम को 
आकाश नया दिया है
जोड़ा है… जिया है
आज मैने खुद को एक फूल दिया है

A New Day.. Today
I have gifted a rose to Myself
Try doing that to Your self
Let the Poison flow
And the strength grow
See the sky beyond the bars of Cage
Break free of chains around
Make your mind a sage
Hey You, Have a date with you
Because
All Journeys end up with in you

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