Cage 🦠 : पिंजरा

जैसे किसी बच्चे ने शरारत में 
एक लकीर खींच दी
और अगले ही पल
सबके आलीशान घर
पिंजरे बन गए

अब घरों में चिंताओं का, 
टकराती हुई आदतों का, 
बोरियत का ट्रैफ़िक जाम है..
और सड़कों पर बेफ़िक्री ऊँघ रही है
पशु-पक्षी बिना टिकट देख रहे हैं मनुष्य को
दुनिया के सन्नाटे में ये गज़ब गोष्ठी हो रही है

वो जो पन्ने फाड़कर मन की तिजोरियों में रखे जाते हैं, नीचे वैसा ही कुछ है … इसे क्लिक करते ही बड़े आकार में खुल जाएगा, फिर किसी भी डिवाइस में डाउनलोड करके रख सकते हैं


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2 Replies to “Cage 🦠 : पिंजरा”

  1. बोरियत का ट्रैफिक जाम
    वाह क्या बात है
    अजायब हो गए देखते देखते😊🙏

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