पंडित जसराज जी के नाम पर नासा ने एक गृह का नामकरण किया है, ये तो मुझे पता ही नहीं था सर,ये तो हमारे देश के लिए बहुत ही गर्व की बात है क्योंकि ये बहुत बड़ी और सम्मान की बात है। और इस पर आपने लिखा काफी खूबसूरत है। “आज गले की नसों में रक्त थिरक रहा है” superb line sir! It seems poetry is deeply written by heart, super Sence of art and science. Pandit jasraj ji would be glad if he read this wonderful bunch of compliments in deep and beautiful words on him😇

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