Adam-Eve & Apple of Politics : आदम-हव्वा और सियासत का सेब

Eyes burning with Hunger & Lust, Not seeing anyone, Not sparing anyone. Just want to take a bite of that luscious Apple, At any cost. It’s about Eve and Adam, Me and You, Blinded by Politics. It’s a World full of Hungry & Lonely Actors.

Adam eve and apple of politics illustration

आंख में पानी बचा नहीं
साज़-ए-दिल बजता नहीं
नाखूनों की नोंक से
खुरच कर देख लो
न ख़ून
न शफ़क़त

बस..
मतलब..
नफ़रत..
सियासत..

ये है
राम-अल्लाह
आदम-हव्वा
बुल्ले-ईसा की दुनिया

ग़ौर से देखो इसे
दुनिया जिसे कहते हैं

नहीं ढूंढ पाओगे उसे
अपना जिसे कहते हैं

© Siddharth Tripathi ✍️ SidTree

5 Comments

  1. त्रिपाठी जी, बहुत अच्छा लिखते हैं आप । मैं आपके लगभग सभी लेख पढता हूँ ।

  2. इस बार की बुनावट अलग है
    तुकांत है
    शफ़ाक़त जैसे शब्द थोड़े नये से लगे

    1. रोज़ नया हो रहा हूँ
      खाल मोटी नहीं है
      इसलिए पपड़ी बनकर उचड़ रही है

  3. मिल जाये तो मिट्टी है
    खो जाए तो सोना है
    दुनिया जिसे कहते हैं….

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