Sandpaper Faces 🎭 रेगमाल जैसे चेहरे

मूल विचार – व्यवस्थापकों, पालनकर्ताओं और बदलाव लाने वालों के चेहरे ज़रा खुरदरे होते हैं, ताकि समाज को समतल किया जा सके। इसमें सबसे नज़दीकी उदाहरण पुलिसवालों का लगा। उनके संघर्ष उनके चेहरे पर आ जाते हैं। इसलिए तमाम विषमताओं और विरोधाभासों के बावजूद पुलिसकर्मियों को एक सम्मानित प्रतीक मानकर लिखा है।

 

पुलिसवालों के चेहरे खुरदरे होते हैं
रेगमाल की तरह
ताकि ऊबड़खाबड़ समाज को
रगड़कर बराबर कर सकें

© Siddharth Tripathi ✍️ SidTree

1 Comment

Comment