‘Mount Garbage’ 🏔 in Recycle Bin 🗑 : कबाड़ का शिखर

मूल विचार और काव्य मानचित्र में दिखाई गई स्थिति का वर्णन
जो कुछ नहीं छोड़ सकता वो अंत में कबाड़ के शिखर पर पहुँचता है, आह्लादित (प्रसन्नचित्त) होकर विजय का ध्वज फहराता है, और Right Click करके Empty Recycle Bin का विकल्प चुन लेता है। Click करते ही सब किया धरा नष्ट हो जाता है, अर्थात अदृश्य हो जाता है*

*नष्ट होने का अर्थ है छिपना

You fix your Victory Flag on The Top of The Mountain, suddenly you realise that you are not standing on top of World. It’s ‘Mt. Garbage’
You fix your Victory Flag on The Top of The Mountain, suddenly you realise that you are not standing on top of World. It’s ‘Mt. Garbage’

पूरे जीवन कोई मौक़ा नहीं छोड़ा
वो सब कुछ पाता चला गया
हासिल करता चला गया
पहले ये वसूली बहुत रास आई उसे
फिर सामान बढ़ता चला गया
अंत में
उसके क़दमों के नीचे दुनिया नहीं,
कबाड़ था

© Siddharth Tripathi ✍️ SidTree

 

5 Replies to “‘Mount Garbage’ 🏔 in Recycle Bin 🗑 : कबाड़ का शिखर”

  1. बेहतरीन लिखा है सर!👏

  2. Sir, U r a Amazing Writer

  3. सत्य, कटु सत्य। जो समय पर अपना रीसायकल बिन खाली नहीं करता, उसका सिस्टम हैंग होने लगता है। इसलिए सफाई ज़रूरी है ।

  4. बहुत अच्छा
    बहुत ही अच्छा
    बहुत बहुत बहुत अच्छा
    (बहुत अच्छा)100000
    शुक्रिया इतनी बेहतरीन कविता के लिए

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