Veil of Monsoon : बूँदों का पर्दा

इतने सारे मौसमों में
उसे बरसात का मौसम पसंद है
जब जब बारिश होती है
उसके आंसू छिप जाते हैं

वैसे बरसात में बहुत कुछ छिप जाता है
कई स्याह रंग, पुरानी दरारें और..
पतली गलियों से गुज़रने वाले रास्ते भी

एक तरफ दर्शक हैं
दूसरी तरफ रंगमंच है
बीच में बूंदों का पर्दा है

© Siddharth Tripathi ✍ SidTree

3 Replies to “Veil of Monsoon : बूँदों का पर्दा”

  1. वाह बारिश का मौसम और ये खूबसूरत पंक्तियां। अति सुंदर कविता!

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