Homeless Air, Formless Water : हवा, पानी और 10 लाइन की कहानी

अपने आसपास की हवा और पानी को महसूस कीजिए (प्रदूषित, धूल भरी आंधियों और तेज़ाबी बारिश की बात नहीं कर रहा हूं)। इन दो कविताओं में गति का बोध है। ये दोनों एक दूसरे से अलग नहीं रह सकतीं, इसलिए मैंने इन्हें एक साथ रहने की इजाज़त दे दी है। आपको इन दोनों से मिलना होगा।

 

Homeless Air : आना जाना और गाना

हवा गुज़र जाती है बिना कोई निशान छोड़े
उसका कोई घर-ठिकाना नहीं होता
बाँसुरी में रुक कर सोचती नहीं
आना-जाना न हो, तो गाना नहीं होता

 

Water Flows through Silences : ख़ामोशी और पानी

फ़र्श जैसी चुप्पी, एकदम समतल
पानी फिर भी बह लेता है
वेग हवा का पाकर

आंख़ों की खिड़कियां, बंद नहीं एकपल
फूल फिर भी खिल लेता है
बूंद अश्रु की पाकर

 

© Siddharth Tripathi ✍ SidTree

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