Verified : अहं ब्रह्मास्मि

ईश्वर ने कुछ इंसानों को बनाते वक़्त
उनके माथे पर सही का निशान लगा दिया था
फिर वो हमेशा सही साबित होते रहे
उनकी हर एक ग़लती को छिपाने के लिए
सेनाओं की बलि बार बार दी जाती रही

Notes

  1. अ-सामाजिक कविताओं की सीरीज़ से, इस Theme पर कुल मिलाकर 8 कविताएँ हैं

One Reply to “Verified : अहं ब्रह्मास्मि”

  1. खतरनाक सा लिखा है सर आपने! आखरी लाइन पूरी कविता को समझाती है और उसे पूरा करती है। कविता का पूरा सार आखरी पंक्ति में है।

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