अंदर गूँजती चीख़ों का संगीत : Musical Stream of ‘Screams’

हर इंसान के अंदर गूँजती हुई एक चीख़ है और दुनिया में कई बार उस चीख़ को लय में बांधा गया है.. उसे आवाज़ दी गई है.. उसे संगीत बनाने की कोशिश की गई है। linkin park का संगीत सुनकर मुझे हमेशा ये महसूस हुआ जैसे किसी ने हर इंसान की चीख़ को लय में बाँध दिया हो। linkin park के संगीत में और उसके प्रमुख गायक चेस्टर बेनिंगटन की आवाज़ में क्रोध, क्षोभ, हर्ष, मोह और मोक्ष सहित सारे भाव एक साथ सुनाई देते हैं। मानों उसकी चीख़ों के समारोह में पूरी कायनात एक लय में काँप रही हो

लेकिन चेस्टर अपनी लयबद्ध चीख़ों में खो गया
आत्महत्या करने वाले के लिए आसमान छोटा पड़ जाता है
उसकी आँखों के ऊपर पूरा ब्रह्माण्‍ड था
लेकिन उसने छोटा आसमान चुन लिया
उस आसमान को पा लिया
और फिर उस आसमान ने एक इंसान को ख़र्च कर लिया

कुछ वर्ष पहले मैंने एक कविता लिखी थी… जिसमें इंसान के अंदर गूँजने वाले शब्दों और चीख़ों का ज़िक्र था। चेस्टर की मौत की ख़बर सुनकर मुझे अपनी वो कविता याद आई। आपसे शेयर कर रहा हूँ। उम्मीद है पसंद आएगी। इसे पढ़ने के बाद आप Linkin Park का एक गीत सुन सकते है.. जिसका शीर्षक है Numb…नीचे इसका लिंक संलग्न है।


बाज़ीचा… Playground of Words

बच्चा जब तक बोलना नहीं सीखता
उसके अंदर कितने शब्द क़ैद में रहते हैं
फड़फड़ाते रहते हैं.. लेकिन बाहर नहीं निकलते

फिर वो सीख लेता है
शब्दों के छींटें दुनिया के मुँह पर मारना
और चालाक़ दुनिया उसे सिखा देती है
सधी हुई भाषा और थोड़ा सा तमाशा

उम्र बढ़ती जाती है
और शब्द या तो पालतू हो जाते हैं
या फिर हथकड़ियाँ लगाकर
सलाखों के पीछे पहुँचा दिए जाते हैं

और इसके बाद..
चीखें आत्मा से गले तक पहुंचती हैं…
लेकिन गले से निकलती नहीं
अंदर ही अंदर गूंजती है

बस एक दरवाज़ा खोलना है किसी दिन
सारे शब्द, मैदान में बच्चों की तरह खेलने लगेंगे


International version

When a child doesn't know how to speak
There are so many words trying to come out
But they never get bail from the jail of our processes

Child first learns to say anything fearlessly
then he starts unlearning that originality
And finally gets trapped into stale procedures

In true sense
Words are either tamed by procedures
Or they are handcuffed deep inside our heart

Our Soul shouts out loud
But nothing comes out
Bail is still awaited

Everybody wants to open the door someday
All those handcuffed words would start playing
on that lush green ground



© Siddharth Tripathi  ✍️SidTree
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Siddharth Tripathi / *SidTree
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