शक्ति का हर रूप शिव के साथ निहित है, शिव की आराधना शक्ति के बिना नहीं हो सकती,शक्ति जब शांत होती है, तब वह शिव कहलाती है। ये दोनों तत्व ब्रह्मांड का आधार हैं! शिव-शक्ति एक-दूसरे के बिना अधूरे माने गए हैं।
Excellent writing & express 👍

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