Cetus, The Whale : A Constellation of 14 Love Poems by SidTree

Winters are being mixed into Summers, this defines February. I’m Streaming a series of Love Poems. They are aged like wines. Some of them started 10 to 15 years ago and now they have distinct flavour.

Extra Knowledge : Cetus, The Whale…. is a Constellation with 14 main stars, thats why I chose this name. Here is snapshot of Cetus in the Sky.

Cetus


1 : एकतारा | You & I Fused

This focuses on oneness in relationships and that process in which two individuals fuse their identities.

रेत सा मैं
जल कल तू
मैं चुप्पी
कोलाहल तू
हंसे तो फूल
ठहरे तो ओस
मस्त नाचता
बचपन तू
गली गली
एक झलक की
आस में
पागल,मादक
यौवन तू
घुल जाए सब
अगर यहीं पर
फिर
मैं ना मैं
बस तू ही तू


2 : Glass World : कांच की दुनिया

This describes delicate world around you and insists on living life at its best. It is about valuing what you have. I hope this would remind you of all the soft winter afternoons of your life.

चूड़ियां सी खनक गईं
वक़्त ने अंगड़ाई ले ली

मिल बैठकर देखो हमने
बातों से दोपहरें सी लीं

हरी, लाल, पीली हो या नीली
कांच की है ये दुनिया रंगीली

नज़र लगी तो चिटक जाएगी
ज़िंदगी वही है जो शिद्दत से जी ली


3 : बूंद-बूंद तुम | Drops of You

Light of a lover Glows the face of beloved.

अलाव की रौशनी
तुम्हारे चेहरे पर चिपकी थी
उबटन की तरह
हवा के झोंके नूर बढ़ाते गए
परतें झरती रहीं
वो आग बहती रही
चेहरे से, कंधे..
आंचल से ज़मीं तक
वहीं कहीं मेरी आंखें
पी रही थीं बूंद दर बूंद
तुमको

International Version

See your beloved
like you have never seen before
Its like watching firestones
flowing with the wind
from lips to shoulders
from lap to toes
and you are drinking every drop of beloved’s existence
through eyes
that fire is slowly filling my soul cups
with warmth of this fire
nothing can froze


4 : बत्तियां बुझा दो | Turn off the Lights

This one talks about artificial love vs real love !

अंधेरे में नहाए पार्टी लॉन में
तारों से बंधी
मुंह फाड़ती
शान दिखाती
रोशनी से जी ऊबने लगा
कहने लगा
कि बस बत्तियां बुझा दो

उस खाली शाम में
दीये का ईमान
उसे बहुत याद आया


5 : सुनहरी लकीरों का गणित | Mathematics of Light

This poem is based on unseen mathematics of love. I want you to focus on glow of lovers. It’s like phosphorescence of love ! By the way in science phosphorescence means light emitted by a substance without being burnt

पहाड़ों को जब
सूरज सहलाता है
धूप फिसल पड़ती है
और बनने लगती हैं
सुनहरी लकीरें

हम तुम
धूप के गोल सिक्के
लम्हों से उठाते हैं,
रोशनी के इन टुकड़ों को
चलते फिरते सोखते हैं

तुम्हारी सुबह की तिकोनी धूप
मेरी दोपहर में रोशनी के चतुर्भुज
अापस में मिलकर चमकने लगते हैं
नये नये आकार बनने लगते हैं

हमारे साझे शरीर की परिधि को पार करती
इन लकीरों के दरमियान हमारा संसार है
ये सुनहरी लकीरों का गणित है
जिसे सिर्फ मैं और तुम समझते हैं


6 : आग में पिघली तो याद गर्म हो गई | Bonfire of Memories

Now feel the warmth of Love with Bonfire of Memories.

आग जली तो
आस पास
हवा गर्म हो गई
सुबह गर्म हो गई
शाम गर्म हो गई
ठंड में कांपती
रात गर्म हो गई
डरा सहमा सा
उसका हुस्न
दमकने लगा
आग में पिघली
याद गर्म हो गई
सांसों की सेंक से
लिपटी चिपकी
वो मेरी गुड़िया रानी
फिर सो गई
कहीं खो गई


7 : तलाश | Run Run Run

In this Poem, core thought is seeking and running for love… this is inseparable part of any relationship. I have used single world technique, hope you would like it.

नटखट
शफ़क़त
शशशशश…
बोलो मत
ख़्वाब नूर
लाए हैं
आंखों को
खोलो मत
आगोश को
होश नहीं
खुद को अब
रोको मत
रस बहे
होंठ-होंठ
रग-रग
सख़्त-सख़्त
घूप छांव
खेलता
तेरा अक्स
मस्त मस्त
उस दुनिया में
तुझको
ढूंढता मैं
हर वक़्त


8 : घूंट भर चैन | Sip some Love

Now sip some love in the form of tea! In this poem I’ve used tea as a medium to dissolve Love in a relationship. One of my very old poems.

घूंट घूंट ज़िंदगी है
चाय की चुस्कियों के बीच
क्लास
सफ़हे कामयाबी के
कुछ नए रिश्ते
निवाले गुड़खानी के
दिन की शुरुआत घूंट से
तो थक के डोलती शाम को
सहलाते दो गर्म घूंट
आज अदरक डाली है
होंठ लगाए हैं
ज़ायका संभाल लेना
दो घूंट चाय कहो
या चैन
भेजा है तुम्हारे नाम


9 : धर्मग्रंथ | Pious Writings on Bodies

This Poem describes the journey of love on the surface of human body. Its like a pious scripture.

आंखों पर
एक पोटली हरसिंगार की रख देगा
उस फरिश्ते के पास
फूलों की कलम है
लिखेगा आयतें
श्लोक
जिस्मो-जां पर
पलकों से लेकर
इस शरीर के आखिरी सिरे तक
देखो ग़ौर से
एक नया धर्मग्रंथ
गढ़ा जा रहा है
आज रात
शब-ब-ख़ैर


10 : अजनबी सुबह | Strange Morning

…A Strange morning, which changes everything.

हल्के लम्हों का गुच्छा सा
जिसके साये में सब
महफूज़ था
कुछ यूं उड़ा
गायब हुआ
कि
तेज़ाबी धूप आ गई
आंसू अंगारे धधक उठे
अजनबी सुबह आ गई
फिर आईना देखा गौर से
तो सच से मुलाक़ात हुई
अब तो समझ जाओ
वो नहीं बदली
बस ख़ास हुई


11 : Space between Me & You | एकांत में ब्रह्माण्ड है

Core thought : This poem tries to capture the cosmic distance between individuals in a relationship. When there is a distance between two persons and they are not clinging to each other, Then One can see and soak the beauty of other in totality.

मुझे तुम्हारे पास भी रहना है और दूर भी
ब्रह्माण्ड और कुछ नहीं..
मेरे और तुम्हारे एकांत का विस्तार है

International Version

In the same frame of time
I want to be close to you
And far.. far away..
galaxies of thoughts receding
burning desires like comets
I feel a zero gravity in our relationship
can see millions of your flares, colours,
your free forms & shapes
feels like Big Bang of individualities
It seems the Universe resides..
In the Space between me and you


12 : My Last Telegram To Princess | मेरा आख़िरी तार

आंखों के सामने धुआं था गहरा
तभी कुछ मीठा जलने की बू आई
दिल में ‘तार’ की तरह तू आई
दरअसल
जो होता है सबसे पास
उसे झुलसाती है अंदर की आस
और आसपास…
जलती हुई चीनी सी महकती है
क्योंकि बहुत मीठे रिश्ते
आग नहीं झेल पाते
वो आधे जले हुए की महक
वो उड़ती राख नहीं झेल पाते

Smoke so thick
can’t see through it

smell of charring Sugar
Creeping up through feet

Extra Sweet relationships
Turn darker in the heat

Still in a Blind fold
Echoing Voices in my ears

I am sending this telegram
With Scent of all these years


13 : Die in You | तुममें मरने की ख़्वाहिश पूरी हो

As Sufi’s Say – Kill your Super Ego and become meaningful

पानी पर नाचे चांदनी
फलक का दामन
सिंदूरी हो

तुम पर चढ़ा दूं
मैं वर्क अपना
तुममे मरने की ख़्वाहिश पूरी हो

See the glow of moon
It dances on the surface of water
Like a Sufi

See the love marks of sun
On an evening sky
I feel like being them
vanishing my existence,
for just one moment,

Leaving all my purity for you
My dear
wanna die in you


14 : Heart roams like a Firefly : जुगनुओं की तरह उड़ता दिल

Love… is a pious corner of your life… heart is like a firefly… it roams around… hurting itself… learning… Flying again… accepting and enjoying whatever life has done to it.

आंख भर आंसू
मुठ्ठी में एक रिश्ता लिए
अधूरे से मुझमें
पूरी होने आई थी
सांझ के अंधेरे से
गुलाबी हाथ झटककर
दामन थामने मेरा
तू भागी चली आई थी
फिर एक प्याली चाय पर
उधड़ता गया वक़्त
सिले हुए हाथ, बातों में
इलायची सी आई थी
सरगोशियां थीं
और नज़रें गुंथी हुई
याद है तुम्हें, क्या क्या
कसमें हमने खाई थीं
जान मेरी गौर से
कैलेंडर में देखो
महज़ तारीख नहीं
14 फरवरी आई थी

International Version

Eyes full of Teardrops
Hands full of Promises
You were Still incomplete
From the grip of darkness
You Walked on…
Into a New Dawn
Molten… Smoked… Open… Free
It Smelled like a cardamom in a cup of Tea
Yes Time was Freezing
as we wanted it to be
Bodies were Tangled… and Vision too
Trying hard.. But not getting through
Then I said to myself.. just be with the flow
Welcome the fresh air.. be Hollow
Since then Februaries are passing by
My heart is roaming like a Firefly


© Siddharth Tripathi  *SidTree
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Siddharth Tripathi / *SidTree
1
  1. Sarina

    Hi Sir, I am traveling in train, going to Indore from my home town and m reading ur all this 14 beautiful collection of poems.” ज़िंदगी वही जो शिद्दत से जी ली”….!! पी रही थी बूँद दर बूँद तुमको..!!👌👌 Strange morning..!!👌👌love this journey sir! !🙏😇thanku

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    Reply

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