Power Dissolved in Water : पानी के विस्तार की ताकत

Core Thought : There is a lot of power dissolved in a simple glass of water. Just magnify and see.

 

चट्टानों से टकरा जाने के बाद भी
पानी को चोट नहीं लगती
फैलना-सिकुड़ना
नदी सा निर्मल होना
सागर सा विव्हल होना

पानी को खूब आता है
नुकीले पत्थरों को सहलाना
और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें गलाकर
खुद में समाहित कर लेना

ज़हर हो, अम्ल हो, आंसू हो या खून
सबको जलसमाधि लेते देखा है हमने
एक गिलास पानी में जीने का सलीका दिखाई देता है

 

International Version

Try
Magnify
Power is not up in the Sky
When Waves Cry
Hardest of the Rocks Crucify
In a glass of water, Hopes never dry

 

© Siddharth Tripathi ✍ SidTree

3 Comments

  1. अति सुन्दर शब्द हैं! कविता की आखिरी पंक्ति तो हमेशा ही दिल को छू लेने वाली होती है। “एक गिलास पानी में जीने का सलीका दिखाई देता है” वाह!

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