Shadow of a Tree : मरने के बाद इंसान पेड़ बन जाते हैं

This Time Kavi-Vaar comes in Advance. I am using a sort of Poetic Carbon Dating technique to sketch the transformation of a human being to a tree.

एक हवाई जहाज़ क्रैश हुआ
न जाने कितनी उम्मीदों के टुकड़े
तीस हज़ार फीट की ऊंचाई से गिरे

कई किलोमीटर तक फैले
ज़मीन के टुकड़े पर बिछी राख
अधजली लाशें, बिखरे हुए काग़ज़,
मिट्टी में सने कुछ पहचान पत्र
ये सब एक अधूरी FIR जैसे लगते हैं

कुछ बरसातों के बाद
ये तहरीरें, ये पहचान,
ये निशानियाँ घुल जाएँगी

यहाँ पीले फूल उगेंगे
क्योंकि मरने के बाद
इंसान फूल बन जाते हैं,
पेड़ बन जाते हैं
और उनकी छाया, उनकी पहचान बन जाती है

© Siddharth Tripathi  *SidTree |, 2016.

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