Love Stream 6 : आग में पिघली तो याद गर्म हो गई | Bonfire of Memories

Now feel the warmth of Love with Bonfire of Memories. I Hope it sparks some nice feelings.

आग जली तो
आस पास
हवा गर्म हो गई
सुबह गर्म हो गई
शाम गर्म हो गई
ठंड में कांपती
रात गर्म हो गई
डरा सहमा सा
उसका हुस्न
दमकने लगा
आग में पिघली
याद गर्म हो गई
सांसों की सेंक से
लिपटी चिपकी
वो मेरी गुड़िया रानी
फिर सो गई
कहीं खो गई


© Siddharth Tripathi  *SidTree |  www.KavioniPad.com, 2016.

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