Love Stream 4 : बत्तियां बुझा दो | Turn off the Lights

This one talks about artificial love vs real love. feel it !

अंधेरे में नहाए पार्टी लॉन में
तारों से बंधी
मुंह फाड़ती
शान दिखाती
रोशनी से जी ऊबने लगा
कहने लगा
कि बस बत्तियां बुझा दो

उस खाली शाम में
दीये का ईमान
उसे बहुत याद आया


© Siddharth Tripathi  *SidTree |  www.KavioniPad.com, 2016.

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