Love Stream 2 : Glass World : कांच की दुनिया

A Love Poem which describes delicate world around you and insists on living life at its best. It is about valuing what you have. I hope this would remind you of all the soft winter afternoons of your life.


 

चूड़ियां सी खनक गईं
वक़्त ने अंगड़ाई ले ली

मिल बैठकर देखो हमने
बातों से दोपहरें सी लीं

हरी, लाल, पीली हो या नीली
कांच की है ये दुनिया रंगीली

नज़र लगी तो चिटक जाएगी
ज़िंदगी वही है जो शिद्दत से जी ली


© Siddharth Tripathi  *SidTree |  www.KavioniPad.com, 2016.

1 Comment

  1. “ज़िंदगी वही जो शिद्दत से जी ली” 👌सर इस पँक्ति ने पूरी कविता में जान डाल दी है, और भी ज्यादा निखार दिया। the last line of this poem is like a last scene of D movie, scene hit movie hit!👌😊 बस वैसे ही!

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