Exchange Offer : पुराना हटाओ, नया लाओ

This poem talks about the constant change happening around us. The core thought is how we exchange old for new in search for perfection. That’s why I named it.. “Exchange Offer”

 

जिस तरह जेब में रखा हुआ पेन
हाथ में पकड़ा हुआ फोन

पुराना हो जाता है

मैं भी पुराना हो रहा हूं तमाम लोगों के लिए
आप भी पुराने हो रहे हैं

बहुत से दूसरे लोगों के लिए
धीरे धीरे हम सब एक दूसरे के विकल्प ढूंढ रहे हैं

एक दूसरे को किसी और से बदल रहे हैं
हम एक ही कायनात के टुकड़े

कभी जुड़कर, तो कभी बिछड़कर
एक दूसरे की पहेली सुलझा रहे हैं

ये ज़िंदगी का Jigsaw puzzle है
ये ज़िंदगी का Exchange Offer है

 

© Siddharth Tripathi ✍ SidTree

how you feel ? ... Write it Now