🌈 A Kavi on iPad creates 'Nirvana of Infotainment'

Archive for ‘April, 2015’

Wake up Like a Flower #micropoetry

  इंसानों की भीड़ में बहुत कम लोग इन फूलों की तरह जाग पाते हैं, मैं कायनात के लिए ये माँगता हूँ। In the sea of human…

Walk of thoughts with Martin Scorsese | हर रंग एक चोट है… हवा चलती है… ब्रश रोता है… दर्द होता है

क्या Martin Scorsese ने मेरी कविता पढ़ ली या फिर सारे रचनात्मक लोगों की सोच ब्रह्माण्ड में चलते फिरते टकराती रहती है ? हाल ही में…