ज़माने को ओकात बता देना
इतिहास को दर्पण दिखा देना
हमारे होंंसले टूटे ज़रूर थे
लेकिन हम से छूटे नहीं थे

आप की पंक्ति
ज़मीन पर पैर रखने के लिए नहीं उड़ा था मैं.

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