The End of Daily Darkness !!

अपने अंधेरों से मैं गले मिलता हूं
फुलझड़ी जलाकर.. आगे बढ़ता हूं
ऐसा रोज़ होता है.. तो क्या हुआ
अब मैं भी… ऐसा रोज़ करता हूं

20131103-212925.jpg

how you feel ? ... Write it Now